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खूंटी के गोइलकेरा जाएंगे ब्रिटिश उच्चायुक्त, जलवायु परिवर्तन और जीवन पद्धति की लेंगे जानकारी

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Ranchi : ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस और ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त निकोलस लो सोमवार को दो दिन के दौरे के लिए झारखंड आ रहे हैं. दौरे के पहले दिन वे खूंटी जिले के दाहू पंचायत के गोइलकेरा गांव का दौरा करेंगे. यहां दोनों अधिकारी एक सामुदायिक बैठक में भाग लेंगे. सामुदायिक बैठक में शामिल होने का उनका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और लोगों के जीवन और आजीविका के प्रति क्षेत्र के लोगों के दृष्टिकोण को समझना है. इसे लेकर फिया फाउंडेशन ने खूंटी उपायुक्त शशि रंजन को एक पत्र लिखा है. पत्र में फिया फाउंडेशन ने ब्रिटिश उच्चायुक्त और उप-उच्चायुक्त की यात्रा के दौरान आवश्यक समर्थन और उचित सुरक्षा दिलाने की मांग की है. इसे पढ़ें- रांची:">https://lagatar.in/ranchihatia-cuttack-railway-recruitment-board-exam-special-train-on-22nd-and-24th-august/">रांची:

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दौरे के दूसरे दिन दोनों शीर्ष अधिकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ संयुक्त रूप से शेवेनिंग स्कॉलरशिप प्रोग्राम समझौता ज्ञापन पर एमओयू करेंगे. इस दौरान संयुक्त रूप से मोबाइल और वेब-आधारित नियोजन ऐप - झार-क्रिसप (JHAR-CRISP) को लांच करेंगे. फिया फाउंडेशन से जुड़े जॉनसन टोपनो ने शुभम संदेश दैनिक अखबार को बताया है कि झाऱ-क्रिसप ऐप मनरेगा के क्रियान्वयन में मददगार साबित होगा. मनरेगा योजना अंतर्गत जियोग्राफिकल इंफ्रामेशन सिस्टम (जीआईएस) सिस्टम की पद्धति गांव के लोगों को समझ नहीं आ पाती है. ऐसे में इस ऐप के माध्यम से ग्राम सभा और पंचायत लाभान्वित किया जाएगा. साथ ही जलवायु परिवर्तन को लेकर क्या बेहतर किया जा सकता है, वह सभी इस ऐप के माध्यम से किया जा सकेगा. इसे भी पढ़ें- गिरिडीह">https://lagatar.in/1600-meter-running-competition-organized-at-giridih-stadium/">गिरिडीह

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बता दें कि शेवेनिंग स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत हेमंत सरकार झारखंड के वंचित वर्ग के पांच छात्रों को उच्च शिक्षा के ब्रिटेन भेजेगी. शेवेनिंग स्कॉलरशिप प्रोग्राम ब्रिटिश सरकार द्वारा चलायी जाने वाली योजना है. योजना अगले सत्र 2023-24 से लागू होगी. इसमें वंचित वर्ग के चयनित बच्चों को 1 साल के मास्टर प्रोग्राम के स्कॉलरशिप दिया जाएगा. बता दें कि फिया फाउंडेशन विदेशी, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ, यूनाइटेड किंगडम (यूके सरकार) के साथ एक भागीदार और जलवायु परिवर्तन विकास परियोजना के लिए बुनियादी ढांचे को लागू कर रहा है. [wpse_comments_template]
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