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41 मंत्रियों की बगावत के बाद ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने छोड़ी कुर्सी, दिया इस्तीफा

London : 41 मंत्रियों की बगावत के बाद दबाव का सामना कर रहे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. जॉनसन अपनी ही कंजर्वेटिव पार्टी में घिर गए थे. दो दिन में 40 से ज्यादा इस्तीफे आने के बाद से ही उनके ऊपर इस्तीफे का दबाव था. पिछले कई दिनों से उन पर इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. उनकी कंजर्वेटिव पार्टी के मंत्रियों ने भी उनका साथ छोड़ना शुरू कर दिया था. आखिरकार दबाव बढ़ने के बाद गुरुवार उन्होंने पीएम की कुर्सी छोड़ने का फैसला कर लिया.

कंजरवेटिव पार्टी एक नए नेता और प्रधानमंत्री का चुनाव करेगी

देश के नाम संबोधन में उन्होंने इस्तीफे की घोषणा की. जॉनसन ने कहा कि उनकी कंजरवेटिव पार्टी एक नए नेता और प्रधानमंत्री का चुनाव करेगी. जॉनसन ने कहा, "मुझे अपनी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है. नए नेता के चुने जाने तक वह पद पर रहेंगे.`` कंजरवेटिव पार्टी के एक सम्मेलन में नेता का चुनाव होगा. पार्टी का सम्मेलन अक्टूबर में होने का कार्यक्रम है. कई दिनों तक चले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद जॉनसन ने यह कदम उठाया गया है. जॉनसन के मंत्रिमंडल के कई सदस्य मंगलवार से इस्तीफा दे चुके हैं. इसे भी पढ़ें- 89">https://lagatar.in/honorarium-to-teachers-of-89-model-schools-on-the-lines-of-kendriya-vidyalaya/">89

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पूरा विवाद क्रिस पिंचर की नियुक्ति से जुड़ा

बोरिस जॉनसन के खिलाफ बगावत यहां तक बढ़ गई थी कि दो दिन के अंदर 40 से ज्यादा इस्तीफे हो गए थे. उनके खिलाफ 41 मंत्रियों ने बगावत कर दी थी. ये पूरा विवाद क्रिस पिंचर की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है. इसी साल फरवरी में जॉनसन ने क्रिस पिंचर को कंजर्वेटिव पार्टी का डिप्टी चीफ व्हिप नियुक्त किया था. 30 जून को ब्रिटिश अखबार `द सन` ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि क्रिस पिंचर ने लंदन के एक क्लब में दो युवकों को आपत्तिजनक तरीके से छुआ था. पिंचर पर इससे पहले भी यौन दुराचार के आरोप लगते रहे हैं.

पिंचर ने डिप्टी चीफ व्हिप के पद से इस्तीफा दिया था

रिपोर्ट आने के बाद क्रिस पिंचर ने डिप्टी चीफ व्हिप के पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, उनकी ही पार्टी के सांसदों का कहना था कि जॉनसन को उनके ऊपर लगे आरोपों की जानकारी थी. उसके बाद भी उन्हें नियुक्त किया गया. वहीं, 1 जुलाई को सरकार के प्रवक्ता ने कहा था कि प्रधानमंत्री जॉनसन को इन आरोपों की जानकारी नहीं थी. इसके बाद 4 जुलाई को फिर सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि जॉनसन को पिंचर पर लगे आरोपों की जानकारी थी. लेकिन इसके लिए नियुक्ति न करना सही नहीं समझा, क्योंकि आरोप अभी तक साबित नहीं हुए थे.

5 जुलाई को ऋषि सुनक ने इस्तीफा दिया था

सबसे पहले 5 जुलाई को ऋषि सुनक ने इस्तीफा दिया था. उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा था कि लोगों को उम्मीद होती है कि सरकार ठीक तरह से काम करे. वहीं, साजिद जाविद ने अपने इस्तीफे में लिखा था कि सरकार राष्ट्र हित में काम नहीं कर रही है. इसे भी पढ़ें- महंगाई">https://lagatar.in/inflation-spoiled-the-taste-of-the-kitchen-the-prices-of-lpg-medicine-fruits-vegetables-disturbed/">महंगाई

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