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भाई क्या स्कीम है ब्लैक को व्हाइट करने का, रसीद-पैसा लो और टैक्स में छूट भी

भाई क्या स्कीम है ब्लैक को व्हाइट करने का. रसीद लो, पैसा लो और टैक्स में छूट भी. यह रांची के एक टैक्सपेयर के व्हाट्सअप  चैट का एक छोटा सा हिस्सा है. झारखंड आयकर विभाग ने समन भेज कर उसे पूछताछ के लिए बुलाया था. पर, वह अपनी गलती मानने के बदले झूठे दावे को सच साबित करने की जिद पर अड़ा था. लेकिन उसके फोन की जांच ने उसकी पोल खोल दी.
 

Ranchi : भाई क्या स्कीम है ब्लैक को व्हाइट करने का. रसीद लो, पैसा लो और टैक्स में छूट भी. यह रांची के एक टैक्सपेयर के व्हाट्सअप  चैट का एक छोटा सा हिस्सा है. झारखंड आयकर विभाग ने समन भेज कर उसे पूछताछ के लिए बुलाया था. पर, वह अपनी गलती मानने के बदले झूठे दावे को सच साबित करने की जिद पर अड़ा था. लेकिन उसके फोन की जांच ने उसकी पोल खोल दी.


झारखंड आयकर विभाग द्वारा राजनीतिक दलों को चंदा देकर टैक्स चोरी करने में शामिल लोगों की जांच अभी जारी है. इस दौरान अब तक जितने भी लोगों को समन देकर बुलाया गया, सब ने अपनी गलती मान ली थी. राजनीतिक चंदा के नाम पर लिये गये टैक्स में छूट को वापस ले लिया. वास्तविक टैक्स जमा कर दिया. कुछ लोगों ने तो समन मिलने के बाद पूछताछ के लिए हाजिर होने के बदले राजनीतिक चंदा के नाम पर लिये गये छूट का वापस लेने और वास्तविक टैक्स जमा करने के बाद विभाग को इसकी सूचना भेज दी. जांच के दौरान अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स की राशि सरकारी खजाने में जमा कर दी गयी है.


राजनीतिक चंदा के नाम पर टैक्स चोरी करने की जांच के दौरान आयकर विभाग ने रांची के एक टैक्सपेयर को पिछले दिनों नोटिस जारी किया था. वह पूछताछ के लिए हाजिर हुआ. लेकिन गलती मानने के बदले राजनीतिक चंदा देकर टैक्स चोरी नहीं करने के अपने दावों पर अड़ा रहा. उसने गुजरात की आम जनमत पार्टी को कुल 10 लाख रुपये चंदा दिया था. 


राजनीतिक चंदा के नाम पर उसने इनकम टैक्स में तीन लाख रुपये बचाया था. उसने छूट की रकम जमा करने के बदले इस पूरे प्रकरण में आयकर द्वारा पूछे जाने वाले सवालों पर अपना पक्ष रखने और बयान दर्ज कराने का विकल्प चुना. उसने आम जनमत पार्टी को चंदा देने की बात को सही करार दिया. 


आम जनमत पार्टी द्वारा चंदा के बदले दी गयी रसीद फोन में ही होने की बात कही. अधिकारियों ने फोन की जांच की. जांच के दौरान फोन में रसीद के साथ-साथ पैसा वापस लेने के सबूत मिले. इसके अलावा  व्हाट्सअप  चैट में राजनीतिक चंदा देकर टैक्स बचाने के मामले में रिश्तेदारों को भेजा गया मैसेज भी मिला.

- करीबी रिश्तेदार को भेजा गया मैसेज :  खूब टैक्स बचाओ. दो लाख डोनेशन दो. छह हजार कमीशन कटवाकर 54 हजार वापस ले लो. मैंने 54 हजार बचा लिया.

- भाई को भेजा गया मैसेज : भाई क्या स्कीम है. ब्लैक को व्हाइट करने का. रसीद भी लो. पैसा भी वापस लो और टैक्स में छूट भी. मजा आ गया.

- CA ने टैक्सपेयर को भेजा : डोनेशन दें. 6.25% चार्ज देने के बाद पैसा वापस लें. अकाउंट वगैरह बता दो. स्कीम चालू है. क्या करना है?

- टैक्सपेयर का मैसेज :   एड कर लो. ट्रांसफर करने के बाद बता देना.

- CA : कैश मिला ?

- टैक्सपेयर : हां. मिला. थैंक्यू

 

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