Lagatar Desk: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जो आर्थिक स्थिरता, बुनियादी ढांचे के विकास और नौकरियां पैदा करने पर केंद्रित है. इस बजट को 'विकसित भारत' के विजन को मजबूत करने वाला बताया जा रहा है, जहां पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को 9 प्रतिशत बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. वैश्विक चुनौतियों जैसे अमेरिकी टैरिफ और मुद्रा अस्थिरता के बीच यह बजट घरेलू निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर देता है.
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा है कि यह बजट भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. हमारा फोकस विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक क्षेत्रों पर है, जो लाखों नौकरियां पैदा करेगा. इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी विकास दर 6.8-7.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो मजबूत घरेलू खपत और निजी निवेश पर आधारित होगी.
कर सुधार: आम आदमी को राहत, निवेशकों को प्रोत्साहन
बजट में करदाताओं को बड़ी राहत दी गई है. नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा. साथ ही, आईटीआर फाइलिंग की समय सीमा को स्टैगर्ड तरीके से 31 जुलाई तक बढ़ाया गया है. सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) में बदलाव किया गया है - फ्यूचर्स पर इसे 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% कर दिया गया। कंपनी बायबैक पर अब सभी शेयरधारकों से कैपिटल गेन टैक्स वसूला जाएगा.
विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए व्यक्ति निवासी बाहर के व्यक्तियों (PROIs) की कुल निवेश सीमा 10% से बढ़ाकर 24% और व्यक्तिगत सीमा 5% से 10% की गई है. क्लाउड सेवाओं पर टैक्स छूट की घोषणा भी की गई, जहां विदेशी कंपनियां भारतीय डेटा सेंटर का उपयोग करने पर 2047 तक टैक्स हॉलिडे का लाभ उठा सकेंगी. व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ को 20% से घटाकर 10% किया गया है.
क्षेत्रीय घोषणाएं: विनिर्माण और बुनियादी ढांचे पर फोकस
बजट में विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का आवंटन 22,999 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. नई पहलें जैसे ISM 2.0, रेयर अर्थ कॉरिडोर और केमिकल पार्क शुरू किए जाएंगे. बायोफार्मा विकास के लिए 100 अरब रुपये का प्रावधान है. रक्षा क्षेत्र में विमान पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी माफ की गई है.
बुनियादी ढांचे के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की गई है. प्रत्येक सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) के लिए 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन (5 वर्षों में) किया जाएगा. कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम से इनलैंड वाटरवेज और कोस्टल शिपिंग का हिस्सा 6% से 12% तक बढ़ाने का लक्ष्य है. CPSEs के रियल एस्टेट एसेट्स के लिए डेडिकेटेड REITs लाए जाएंगे.
नौकरियों और कौशल विकास पर बड़ा जोर है, जिसमें AI और शिक्षा के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे. रेलवे में कवच 4.0 सेफ्टी सिस्टम और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उपाय शामिल हैं. बजट के छह फोकस क्षेत्रों में विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, रणनीतिक सेक्टर आदि शामिल हैं.
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
आर्थिक विशेषज्ञों ने बजट को संतुलित बताया है. सीआईआई के अध्यक्ष ने कहा है कि कैपेक्स में बढ़ोतरी से इंफ्रास्ट्रक्चर बूम आएगा, जो रोजगार पैदा करेगा. हालांकि, विपक्ष ने इसे 'अमीरों के लिए' बजट करार देते हुए कहा कि महंगाई और बेरोजगारी पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.
मुख्य आर्थिक अनुमान और लक्ष्य
• राजकोषीय घाटा: वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी का 4.3 प्रतिशत अनुमानित है, जो पिछले वर्ष के 4.4 प्रतिशत से कम है. इससे सरकार की आर्थिक अनुशासन की प्रतिबद्धता झलकती है.
• कुल व्यय: 12.2 ट्रिलियन रुपये तक बढ़ाया गया, जिसमें कैपेक्स पर विशेष जोर है.
• उधार: सकल उधार 17.2 लाख करोड़ रुपये और नेट उधार 11.7 लाख करोड़ रुपये रखा गया है. कर्ज-जीडीपी अनुपात को 55.6 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है.
बजट भाषण की प्रमुख घोषणाएं
5 पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन स्थलों का निर्माण
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनेगी
5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में
हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल
किसान की आय बढ़ाने का प्लान
खेलो इंडिया मिशन
15 पुरातात्विक साइट्स को वाइब्रेंट डेस्टिनेशन बनाएंगे
डिजिटल नॉलेज ग्रिड पर टूरिस्ट साइट्स की जानकारी
ट्रेकिंग, हाइकिंग पर योजना
पशुपालन-वैट कॉलेज के लिए सब्सिडी सपोर्ट स्कीम
टीसीएस ओवरसीज टूर पैकेज को 2 पर्सेंट करेंगे
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