Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत स्थानीय और नियोजन नीति पर हंगामे के साथ हुई. सदन में विधायक जेपी पटेल के एक अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि पूर्व की सरकार ने अनुदानित कॉलेज को राशि देना बंद कर दिया था. हेमंत सरकार ने इसमें वृद्धि की है. उन्होंने कहा कि सरकार ने एक कमिटी भी बनाई है. रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. विधायक पटेल ने सवाल किया था कि 26 जून 2022 को शिक्षा विभाग ने झारखंड राज्य वित्त रहित संस्थान (अनुदान) नियमावली 2015 में महंगाई को देखते हुए संसोधन का निर्देश दिया था. लेकिन आज तक किसी तरह की करवाई नहीं हुई है. आलम यह है कि कार्यरत कर्मचारी घोर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. इसे भी पढ़ें - पीएम">https://lagatar.in/pm-modi-said-india-will-become-a-developed-nation-by-2047-with-the-help-of-technology/">पीएम
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बजट सत्र : वित्त रहित शिक्षकों पर कमिटी की रिपोर्ट आते ही निर्णय लेगी सरकार

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