Ranchi : पांकी विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता विधानसभा में अपना प्रश्न पढ़ रहे थे. पढ़ते वक्त कुछ देर रूक गये. दो-तीन सेकेंड इंतजार करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्न को पढ़ा हुआ मान लिया गया. इसके बाद कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप लगाया. कहा कि क्यों 12 बजे से यहां आकर बैठते हैं, जब पढ़ने के लिए वक्त ही नहीं दिया जाता. इसके बाद विधानसभा ने उन्हें बोलने का मौका दिया. साथ ही कहा कि और कुछ आरोप लगाना है तो लगा दीजिये. इसके बाद कुशवाहा शशिभूषण मेहता आक्रोशित हो गये. उन्होंने अपने हाथ में रखे कागज को फाड़ दिया और कहा कि वह नहीं पढ़ेंगे. कुछ सदस्यों ने उन्हें पढ़ने के लिए कहा, तब भी वह यह कहते रहें कि नहीं पढ़ेंगे. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी को कहा कि आप देखिये, आसन की कहां गलती है. सदस्य किस तरह का व्यवहार कर रहे हैं. आसन के सामने प्रश्न को फाड़ना कहीं से उचित नहीं है. आचरण अच्छा नहीं है. विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने वक्तव्य में कहा कि थोड़ी गलती हुई है. वह प्रश्न पढ़ते वक्त थोड़ा रुक गये थे और आपको लगा कि पढ़ना हो गया. कभी-कभी ऐसा हो जाता है. संसदीय कार्यमंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इस पर कहा कि नियमानुसार प्रश्नकाल का प्रश्न 50 शब्द से अधिक नहीं होना चाहिये. लेकिन हम लंबा सवाल भी पढ़ते हैं. सदन में इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं. वह पक्ष और विपक्ष के विधायकों से आग्रह करेंगे कि ऐसा व्यवहार ना करें.
बजट सत्र : कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने सदन में फाड़ा प्रश्न, स्पीकर बोले-आचरण अच्छा नहीं
Last Updated: Mar 19, 2025 12:00 AM (IST)