Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

काउंसिल की अपील दरकिनार कर CM संवाद में पहुंचे सैकड़ों वकील, साथ में ली सेल्फी, पढ़िए सरकार ने वकीलों को क्या दी सौगात

Ranchi : सीएम आवास में शनिवार को मुख्यमंत्री- अधिवक्ता संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें स्टेट बार काउंसिल की अपील दरकिनार कर राज्य भर के विभिन्न एसोसिएशन के पदाधिकारी और झारखंड स्टेट बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों के साथ अलग- अलग जिलों से आए अधिवक्ता शामिल हुए. संवाद कार्यक्रम में काउंसिल और अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं से मुख्यमंत्री अवगत हुए. समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/11-2.jpeg"

alt="" width="949" height="1064" />

पेंशन की राशि अब दोगुनी हो जाएगी

कार्यक्रम के बाद महाधिवक्ता एडवोकेट जनरल राजीव रंजन ने बताया कि अधिवक्ता समाज के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि झारखंड गठन के बाद पहली बार राज्य के किसी मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बातचीत की. मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि वकीलों को ट्रस्टी कमेटी की तरफ से जितनी पेंशन राशि मिलती है, उतनी ही राशि सरकार भी देगी. यानी पेंशन की राशि अब दोगुनी हो जाएगी. अब तक किसी सरकार ने अधिवक्ताओं को वित्तीय सहायता नहीं की है. इसके साथ ही यह भी एलान किया गया है कि 5 लाख रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस हर अधिवक्ता और उसके परिवार को मिलेगा. 5 लाख का दुर्घटना बीमा भी दिए जाने का मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है. वहीं वकीलों के लिए हर जिले में एक मॉडर्न बार भवन कांप्लेक्स बनाने की योजना की भी मुख्यमंत्री ने सहमति दी है.

कोर्ट फीस मामले में अमेंडमेंट का आश्वासन

उन्होंने बताया कि कोर्ट फीस का मामला अधिवक्ता कल्याण से जुड़ा नहीं है, फिर भी उसमें अमेंडमेंट का मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम के बाद कई वकीलों ने सीएम का साथ सेल्फी भी ली. मुख्यमंत्री से सीधे रूबरू होकर अधिवक्ताओं में काफी उत्साह दिखा. सबसे ज्यादा उत्साह युवा अधिवक्ताओं में दिखा.

अन्य राज्यों के आकलन के बाद एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर लिया जाएगा फैसला

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड राज्य विधिज्ञ परिषद द्वारा अधिवक्ता (संरक्षण) कानून अधिनियमित करने का अनुरोध किया गया है. इस संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से पत्राचार कर यह जानने का प्रयास किया गया है. वहां अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लि‍ए प्रवृत्त एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के प्रावधान एवं उपबंध किस रूप में हैं. अन्य राज्यों के आकलन के बाद अधिवक्ता (संरक्षण) कानून पर फैसला लिया जाएगा.

बार कॉम्‍पलेक्स में कंप्यूटर एवं इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराएंगे

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह सच्चाई है कि राज्यभर के सक्रिय लगभग 30 हजार वकीलों में से दो- ढाई हजार वकीलों को छोड़ दें, तो बाकी की स्थिति दयनीय बनी हुई है. आज विभिन्न जिला एवं सत्र न्यायालयों में और यहां तक क‍ि उच्च न्यायालय में भी अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है. हमारी सरकार बार भवनों में कंप्यूटर तथा इंटरनेट की भी सुविधा उपलब्ध कराएगी.

कोर्ट फीस में कमी का न‍िकालेंगे रास्‍ता

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोर्ट फीस वृद्धि हम सभी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. ज्‍यूडिशि‍यल स्टांप जो 1995 में 5 रुपए का था उसे लगभग 27 सालों के बाद 20 रुपए किया गया है. आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोर्ट फीस में कमी करने का कोई रास्ता निकलता है तो सरकार उस पर भी विचार करेगी. राज्य सरकार का मानना है कि कोई भी निर्णय आम जनता के लिए पीड़ादायक न बने इसका सदैव ख्याल रखा जाना चाहिए.

नोटरी अधिवक्ता के लिए शीघ्र विज्ञापन जारी करेगी सरकार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नोटरी अधिवक्ता के चयन के लिए शीघ्र ही विज्ञापन राज्य सरकार जारी करेगी. आप लोगों में से जो आवेदन करना चाहते हैं, वे अवश्य आवेदन कीजिए. चयन के समय वैसा वर्ग जिनका प्रतिनिधित्व कम है, उसे किस ढंग से प्राथमिकता दें, इसका भी ख्याल रखा जाएगा.

`मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद` कार्यक्रम राज्य में पहली बार आयोजित

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहला ऐसा मौका है, जब `मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद` कार्यक्रम आयोजित की गई है. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यही है कि अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान संवाद के तहत किया जा सके. मेरा सौभाग्य है कि इस संवाद कार्यक्रम के अवसर पर मैं आप सभी अधिवक्तागणों के कुछ समस्याओं से अवगत होकर आपकी कुछ मदद कर सकूं.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही