share वाले सऊदी प्रिंस का एलन मस्क को झटका, ट्विटर बेचने का ऑफर ठुकराया
राशि मई 2020 से जनवरी 2021 के बाद बीच बांटी गयी थी
यह राशि मई 2020 से जनवरी 2021 के बाद बीच बांटी गयी थी. सीएजी ने हाई रिस्क फ्रॉड करार दिया है. केंद्रीय ऑडिटर द्वारा ताया गया कि कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य सरकार की ओर से राहत वितरण के ऑडिट में सहयोग नहीं मिला. सीएजी ने पाया कि लाभार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया. इसके अलावा फंड भी अनुचित तरीकों से बांटे गये. इसे भी पढ़ें : प्रयागराज">https://lagatar.in/in-prayagraj-five-people-of-the-same-family-were-killed-by-slitting-their-throats-police-engaged-in-investigation/">प्रयागराजमें एक ही परिवार के पांच लोगों की गला काटकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी
1,500 से ज्यादा केसेज में लोगों को 94 लाख का भुगतान किया
सीएजी ने पाया कि 1,500 से ज्यादा केसेज में लोगों को 94 लाख रुपये का भुगतान किया, जबकि उनके दावे इस आधार पर खारिज हो चुके थे कि मौके पर कोई नुकसान नहीं मिला. CAG रिपोर्ट के हवाले से एक सीनियर अधिकारी ने कहा, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अम्फान राहत में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हैं जो दिखाती हैं कि न केवल लाभार्थियों का चयन पारदर्शी नहीं था, बल्कि राहत भी अनुचित तरीके से बांटी गयी और भुगतान में धांधली का ज्यादा खतरा था. इसे भी पढ़ें : पश्चिम">https://lagatar.in/west-bengal-gang-rape-with-tribal-girl-in-shantiniketan/">पश्चिमबंगाल : शांतिनिकेतन में आदिवासी लड़की के साथ गैंग रेप

Leave a Comment