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CAG की ऑडिट में आया सामने, अम्‍फान साइक्लोन राहत के नाम पर ममता सरकार ने की धांधली!

 NewDelhi : नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में सामने आया है कि अम्‍फान साइक्लोन राहत के नाम पर ममता सरकार ने बड़ी धांधली की है. CAG ने अपनी रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर सवाल उठाये हैं. सीएजी ने इस हाई रिस्‍क फ्रॉड की जांच करने को कहा है.  रिपोर्ट में सीएजी ने कहा कि अम्‍फान साइक्लोन से प्रभावित हुए गरीबों को घर बनाने के लिए जो 2,000 करोड़ रुपये की राशि ममता बनर्जी सरकार ने बांटी,  उसमें बहुत बड़ी संख्‍या में अनियमितताएं मिली हैं. इसे भी पढ़ें : lions">https://lagatar.in/saudi-princes-shock-to-elon-musk-turned-down-offer-to-sell-twitter/">lions

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राशि मई 2020 से जनवरी 2021 के बाद बीच बांटी गयी थी

यह राशि मई 2020 से जनवरी 2021 के बाद बीच बांटी गयी थी. सीएजी ने हाई रिस्‍क फ्रॉड करार दिया है. केंद्रीय ऑडिटर द्वारा  ताया गया कि कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्‍य सरकार की ओर से राहत वितरण के ऑडिट में सहयोग नहीं मिला. सीएजी ने पाया कि लाभार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया. इसके अलावा फंड भी अनुचित तरीकों से बांटे गये. इसे भी पढ़ें :  प्रयागराज">https://lagatar.in/in-prayagraj-five-people-of-the-same-family-were-killed-by-slitting-their-throats-police-engaged-in-investigation/">प्रयागराज

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1,500 से ज्‍यादा केसेज में लोगों को 94 लाख  का भुगतान किया

सीएजी ने पाया कि 1,500 से ज्‍यादा केसेज में लोगों को 94 लाख रुपये का भुगतान किया, जबकि उनके दावे इस आधार पर खारिज हो चुके थे कि मौके पर कोई नुकसान नहीं मिला. CAG रिपोर्ट के हवाले से एक सीनियर अधिकारी ने कहा, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अम्‍फान राहत में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हैं जो दिखाती हैं कि न केवल लाभार्थियों का चयन पारदर्शी नहीं था, बल्कि राहत भी अनुचित तरीके से बांटी गयी और भुगतान में धांधली का ज्‍यादा खतरा था. इसे भी पढ़ें :  पश्चिम">https://lagatar.in/west-bengal-gang-rape-with-tribal-girl-in-shantiniketan/">पश्चिम

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गृह मंत्रालय से जांच की सिफारिश

केंद्रीय ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी है. मामले में जवाबदेही तय करने के लिए सरकारी अधिकारियों के खिलाफ जरूरी जांच की सिफारिश सीएजी ने की है. राहत की रकम किस तरह बांटी गयी. सीएजी उस पूरी प्रक्रिया की जांच चाहते हैं. सीएजी ने यह ऑडिट कलकत्‍ता HC के निर्देश पर किया था. फरवरी-सितंबर 2021 के बीच ऑडिट किया गया. comments_template]

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