Vinit Upadhyay
Ranchi : झारखंड के एक दर्जन से अधिक विधायक और राजनेता भ्रष्टाचार के केस में फंसे ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम के संपर्क में थे. ये सभी अपनी पसंद के ठेकेदारों को ग्रामीण विकास विभाग का टेंडर दिलाना चाहते थे. सूत्रों के मुताबिक, लगभग 17 ऐसे विधायक और राजनेताओं ने बीरेंद्र राम के साथ लगातार और लंबी बातचीत की थी. इनमें दो महिला विधायक भी शामिल हैं.
जो पांच प्रतिशत कमीशन नहीं देगा, उसे काम नहीं मिलेगा
इसके साथ ही झारखंड के कई वरिष्ठ नौकरशाह भी नियमित रूप से टेंडरों के प्रबंधन के लिए बीरेंद्र राम से बात किया करते थे. एक नौकरशाह को बीरेंद्र राम द्वारा ग्रामीण विकास विभाग के एक टेंडर के बारे में निर्देश देते हुए सुना गया कि जो पांच प्रतिशत कमीशन नहीं देगा, उसे काम नहीं मिलेगा. ये सारी जानकारी कई लोगों के साथ आरोपी इंजीनियर की टेलीफोन पर हुई बातचीत की छानबीन से सामने आई है.
अपनी पसंद के ठेकेदारों का पक्ष लेने को कहते थे नेता
बीरेंद्र राम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले हफ्ते 2019 के भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया था. इससे पहले झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा एक जूनियर इंजीनियर सुरेश प्रसाद वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान ईडी ने बीरेंद्र राम और कई अन्य लोगों को निगरानी में रखा था. विधायक और राजनेता नियमित रूप से बीरेंद्र राम से फोन पर बात करते थे. ये नेता अपनी पसंद के ठेकेदारों का पक्ष लेने, अन्य प्रतिभागियों को निविदा प्रक्रिया से बाहर करने और अयोग्य घोषित करने के लिए बीरेंद्र राम से लंबी बातचीत करते थे. कॉल रिकॉर्ड से इसका खुलासा हुआ है.
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