Ranchi: पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिख कर सूचना तकनीकी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. मरांडी ने पत्र में लिखा है कि थानों में सीसीटीवी (CCTV) लगाने से संबंधित टेंडर में गड़बड़ी करने, खास कंपनी को ध्यान में रख कर शर्तें तय करने की वजह से टेंडर रद्द तो कर दिया गया है. लेकिन यह काफी नहीं है. जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
मरांडी ने विभाग की सचिव पूजा सिंघल पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि वह जिस विभाग में रहेंगी, वहां उम्मीद ही क्या की जा सकती है. उन्होंने टेंडर में कुल सात कमियों के बारे में पत्र में उल्लेख किया है.
पहली- REP के संशोधन (Corrigendum) के पृष्ठ 7 में रिकॉर्डिंग की अवधि 720P (1MP) रेजोल्यूशन पर 12 महीने बताई गई है, जबकि REP में मांगा गया कैमरा 2MP का है. यह पुलिस थानों में CCTV स्थापना के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का उल्लंघन है.
दूसरी- पृष्ठ 36 और 37 के बिंदु 10 और 11 में बोलीदाता की पात्रता के लिए Command and Control Centre के साथ VMS इंटीग्रेशन वाले IP CCTV कार्य के आंशिक पूर्णता (SITC) का अनुभव मांगा गया है, जबकि टेंडर का दायरा विकेन्द्रीकृत CCTV स्थापना का है, जिसमें Commands and Control Centre शामिल नहीं है.
तीसरी- पृष्ठ 99 पर CCTV कैमरा OEM के मानदंड इस प्रकार बनाए गए हैं कि केवल 2 OEM ही योग्य हो सकते हैं.
चौथी - पृष्ठ 100 पर UPS OEM के मानदंड में मुख्य उपकरण (कैमरा) के लिए केवल 5 वर्षों का अनुभव मांगा गया है, जबकि UPS के लिए न्यूनतम 10 वर्षों का अनुभव और अत्यधिक उच्च टर्नओवर मांगा गया है. CCTV के लिए ऐसा कोई टर्न ओवर मानदंड नहीं है. UPS के लिए विशिष्ट निदेशकों (Directors) का उल्लेख किया गया है, जबकि CCTV के लिए MeitY साइबर सुरक्षा नियमों के अंतर्गत चीनी JV कंपनी में समान निदेशक वाले OEM को भी योग्य माना गया है.
पाचवीं - पृष्ठ 106 से 108 तक दिए गए NVR विनिर्देश CCTV OEM मानदंडों के साथ मिलकर एक ही OEM को लाभ पहुंचाते प्रतीत होते हैं.
छठी- 24 पोर्ट PoE Managed Switch के लिए भी कई प्रमाणपत्रों और टेस्ट रिपोर्ट्स की मांग की गई है, जो टेंडर प्रकाशित होने और बोली जमा करने के समय ही आवश्यक हैं, जबकि महत्वपूर्ण STQC रिपोर्ट जैसे प्रमाणपत्र कैमरों के लिए केवल घोषणा (declaration) के रूप में स्वीकार किए गए हैं. इससे भी एक ही OEM को लाभ मिलता है.
सातवीं- समग्र रूप से यह टेंडर कुछ विशेष OEMs और बोलीदाताओं को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया है, ऐसा प्रतीत होता है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment