दूधिया में चाकूबाजी के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोश
ग्रामीण दुबक कर अपनी जान बचाते रहे
वन विभाग पर ग्रामीण नाराजगी जाहिर करते हुए कहते हैं कि हमलोग हाथी का दंश वर्षों से झेल रहे हैं. हाथी गांव में पहुंच कर घर मकान फसल, अनाज सब कुछ बर्बाद कर देता है, लेकिन वन विभाग वन विभाग मुआवजा तो देती है पर समय लग जाता है. हाथी के द्वारा घर और अनाज के बर्बाद कर दिए जाने से घर परिवार के लोगों को इस कड़कड़ाती ठंड में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. घर में रखे राशन को बर्बाद किए जाने से खाने के भी लाले पड़ जाते हैं. विभाग इन चीजों पर ध्यान नहीं देती है.alt="" width="600" height="360" /> इसे भी पढ़ें– दिसंबर">https://lagatar.in/in-december-2022-gst-again-filled-the-governments-pocket-a-collection-of-more-than-149000-lakh-crores/">दिसंबर
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कंबल-राशन की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को राशन व कंबल की भी व्यवस्था करे. इससे जीवन कुछ आसान हो जाएगा. रात से अहले सुबह 6 बजे तक तिलैयादामर में बलकु गंझू पिता गणेश गंझू, जगदीश गंझू, पिता दशई गंझू, मनोज गझू पिता तेतर गंझू, नरेश गंझू पिता गरजा गंझू, प्रसाद गंझू पिता जगदेव गंझू, जागा गंझू पिता रामधन गंझू, कीनू गंझू पिता मैनेजर गंझू, रमेश गंझू पिता गहन गंझू दिलीप गंझू पिता जोगन गंझू के घरों को हाथी ने तोड़ दिया. अनाज को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया. सूचना के बावजूद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन सुध लेने नहीं आया. क्षेत्र पदाधिकारी राकेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथी उसी क्षेत्र में रहता है. हम लोग कंबल और सारा व्यवस्था दे रहे हैं. ऐसी बात नहीं है कि जो सूचना पर नहीं पहुंचते हैं.alt="" width="500" height="700" /> [wpse_comments_template]

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