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चंदवा : देवनदी का स्वरूप बिगड़ा, बन गयी नाला

नदी में बढ़ी गंदगी, पानी का धार हुआ कम Chandwa : चंदवा शहर की प्रमुख नदी देवनदी पहाड़ की तलहटी चुल्हापानी नामक स्थान से निकल कर पश्चिम बंगाल के हुगली नदी में मिलती है. हुगली नदी आगे चलकर समुद्र में मिल जाती है. देवनदी लातेहार जिले के चंदवा से हो कर रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रानीगंज, बांकुड़ा, आसनसोल, वर्धमान से होते हुए हुगली नदी में मिलती है. ये नदी अमृत तुल्य औषधीय गुणों से युक्त जल बिखेरते हुए बहती है. इसी कारण नदी को देवनदी कहा जाता है. वर्तमान स्थिति की बात की जाय तो देवनदी का बुरा हाल है. नदी नाला में तब्दील होता जा रहा है. अत्यधिक बालू उठाव के कारण नदी तल से सारा बालू उठाव कर लिया गया है. बालू माफिया की वजह से नदी नाला के रूप में तब्दील हो गई है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/nnn-4.jpg"

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नदी के पानी से कभी लोग प्यास बुझाते थे

पहले गांववाले और जानवर नदी के पानी से अपनी प्यास बुझाते थे. लेकिन आज देवनदी में शहर की सारी गंदगियां बहती रहती है. पानी दूषित हो चुका है. नदी में फैक्टरियों का पानी भी छोड़ा जाता है. इसका पानी हुगली नदी तक पहुंचते पहुंचते जहर हो जाता है. इसे भी पढ़ें :हेमंत">https://lagatar.in/hemant-sarkar-gave-105-crore-loan-to-6272-youth-for-self-employment-in-two-years/">हेमंत

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सरयू राय ने अभियान चलाया, बालू माफिया पर असर नहीं

2004 ईस्वी के आसपास राजनेता सरयू राय ने दामोदर बचाओ अभियान चलाकर नदी की सफाई करने की पहल की थी. उसी समय से दामोदर नदी के उद्गम स्थल चुल्हापानी में मेला लगता है. पिछले 30 मई को भी ग्रामीणों द्वारा गंगा दशहरा त्योहार मना कर जलस्त्रोतों को बचाने का संकल्प लिया गया. दामोदर नदी बचाने का अभियान चला लेकिन बालू माफियाओं पर इसका असर नहीं पड़ा. बालू का दोहन करने के कारण लातेहार जिला का चंदवा स्थित देवनदी का स्वरूप बिगाड़ गया. आज नदी को नाला बना दिया गया. पानी कहीं कम है तो कहीं सूख गया है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/nnnn-3-1.jpg"

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