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चंदवा : चुआंड़ी के पानी से प्यास बुझा रहे डुमरचुआं के ग्रामीण, शुद्ध पेयजल भी मयस्सर नहीं

Chandwa : 20 फरवरी को लगातार एवं शुभम संदेश अखबार में "खटिया पर ले जाने की मजबूरी" तेईस फरवरी को छपी खबर "मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसता बोदा पपंचायत का परसा टांड" की खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था. कामता पंचायत के पंसस अयूब खान इस बाबत कहते हैं कि मैं भी डूमरचुआं गांव का दौरा कर पीड़ित के परीजनों से मिला था. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से हेमंत सोरेन की सरकार में भी डुमरचुआं के ग्रामीण आज भी चुआंड़ी के दूषित पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं. उन्हें शुद्ध पेयजल भी मयस्सर नहीं हो रहा है. सड़क समेत कई सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण जीने विवश हैं. इसे भी पढ़ें:खबर">https://lagatar.in/effect-of-news-kiriburu-on-the-orders-of-the-deputy-commissioner-the-engineer-arrived-at-sarandas-navagaon-measured-for-the-construction-of-the-culvert/">खबर

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सड़क-स्वास्थ्य की घोर समस्या

टोले में करीब दस लोग जगेश्वर गंझू, सुरेश गंझू, सुलेनद्र गंझू, कृष्ण गंझू, बलेशर गंझू, बाबूलाल गंझू, संतोष गंझू, पार्वती देवी, सुगनी देवी और फुलदेव ने बताया कि एक कुआं है, लेकिन ग्रामवासी चुआंड़ी के पानी के भरोसे जी रहे हैं. वहीं गांव तक पहुंचने के लिए सड़क तक नहीं है. किसी तरह चारपहिया वाहन गांव में पहुंचता है. गांव तक एम्बुलेंस नहीं आने के कारण बीमार को अस्पताल तक लाने के लिए खटिया डोली का सहारा लिया जाता है. इसे भी पढ़ें:बेरमो">https://lagatar.in/bermo-chowkidar-suryadev-yadav-did-not-get-honorarium-for-three-years-family-on-the-brink-of-starvation/">बेरमो

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