का असर – किरीबुरू : उपायुक्त के आदेश पर सारंडा के नवागांव पहुंचे अभियंता, पुलिया निर्माण हेतु की मापी
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सड़क-स्वास्थ्य की घोर समस्या
टोले में करीब दस लोग जगेश्वर गंझू, सुरेश गंझू, सुलेनद्र गंझू, कृष्ण गंझू, बलेशर गंझू, बाबूलाल गंझू, संतोष गंझू, पार्वती देवी, सुगनी देवी और फुलदेव ने बताया कि एक कुआं है, लेकिन ग्रामवासी चुआंड़ी के पानी के भरोसे जी रहे हैं. वहीं गांव तक पहुंचने के लिए सड़क तक नहीं है. किसी तरह चारपहिया वाहन गांव में पहुंचता है. गांव तक एम्बुलेंस नहीं आने के कारण बीमार को अस्पताल तक लाने के लिए खटिया डोली का सहारा लिया जाता है. इसे भी पढ़ें:बेरमो">https://lagatar.in/bermo-chowkidar-suryadev-yadav-did-not-get-honorarium-for-three-years-family-on-the-brink-of-starvation/">बेरमो: तीन साल से चौकीदार सूर्यदेव यादव को नहीं मिला मानदेय, भुखमरी के कगार पर परिवार [wpse_comments_template]

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