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अजब रिम्स की गजब कहानीः खुले में रहती हैं करोड़ों की गाड़ियां, वहीं पार्किंग में हैं कंडम एंबुलेंस, देखें तस्वीरें

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Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची स्थित रिम्स के पास कितनी जमीन है, इसका पता शायद ही रिम्स प्रबंधन को हो. तभी तो रिम्स के अधिकारी अपनी जमीन की कीमत को नहीं समझते हैं. अस्पताल के पास करोड़ों की गाड़ियां हैं. इनमें कार्डियक एंबुलेंस, सामान्य एंबुलेंस, मोक्ष वाहन और कई बसें हैं. लेकिन इस अस्पताल के किस्से ही निराले हैं. काम के लायक गाड़ियों को खुले आसमान के नीचे रखा जाता है, तो वहीं कंडम गाड़ियां शेड में शोभा बढ़ा रही हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/2-8-300x225.jpg"

alt="" width="300" height="225" /> https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/3-6-300x225.jpg"

alt="" width="300" height="225" /> तस्वीर- रिम्स परिसर में खुले में खड़ी करोड़ों की गाड़ियां

छह मोक्ष वाहन (शव वाहन) समेत कई गाड़ियां खुले में हैं खड़ी

रिम्स के नए ट्रामा सेंटर में एक दर्जन गाड़ियां खुले आसमान के नीचे खड़ी हैं. इनमें छह मोक्ष वाहन, दो कार्डियक एम्बुलेंस, मोबाइल डेंटल वैन और बसें हैं. इसे भी पढ़ें-रिम्स">https://lagatar.in/rims-ctvs-department-made-a-record-in-open-heart-surgery-world-class-modular-ot-became-a-boon-for-the-poor/">रिम्स

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शेड में खड़ी हैं बेकार गाड़ियां

वहीं रिम्स इमरजेंसी के पास बने शेड में बेकार हो चुकी एंबुलेंस को रखा जाता है. जबकि इमरजेंसी के पास जहां दवाई दोस्त चलता था, उस जगह को बंद करके रखा गया है. बता दें कि दवाई दोस्त वाली जगह पर पहले कार्डियक एम्बुलेंस को रखा जाता था. [caption id="attachment_166314" align="aligncenter" width="708"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/4-5-300x225.jpg"

alt="" width="708" height="531" /> पहले इसी स्थान पर कार्डियक एम्बुलेंस रखा जाता था, फिलहाल इस जगह को जन औषधि केंद्र के लिए रखा गया है.[/caption]

जन औषधि केंद्र का विस्तार करने की योजना को लेकर इस जगह को बंद करके रखा गया- डॉ डीके सिन्हा

वहीं इस मामले पर रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ डीके सिन्हा ने कहा कि पहले जहां दवाई दोस्त था, वहां अब जन औषधि केंद्र खोला जाएगा. इसलिए उस जगह को अभी बंद करके रखा गया है. जबकि खुले में गाड़ियों को खड़े रखने के सवाल पर डॉ सिन्हा ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में गाड़ियों को निकालने में किसी तरह की समस्या ना हो, इसीलिए खुले आसमान के नीचे गाड़ियों को रखा जाता है. इसे भी पढ़ें-जस्ट">https://lagatar.in/seminar-on-the-role-and-challenge-of-just-transition-mla-said-we-need-to-move-towards-renewable-energy/">जस्ट

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