Ranchi: झारखंड में गैर-मजरुआ जमीन की अवैध खरीद-बिक्री का मामला संसद में भी उठा. शुक्रवार को राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने शून्यकाल में मामला उठाते हुए कहा कि झारखंड में सत्ता के संरक्षण में और पदाधिकारियों की मिलीभगत से दलाल और बिचौलिये गैर मजरुआ जमीन की अवैध खरीद-बिक्री कर रहे हैं. वहीं दबंग लोग भी दलितों और आदिवासियों की जमीन को लूट रहे हैं. इसे पढ़ें-राजभवन">https://lagatar.in/raj-bhavan-garden-now-closed-for-common-people-4-24-lakh-people-saw-the-view-in-14-days/">राजभवन
उद्यान अब आम लोगों के लिए हुआ बंद, 14 दिन में 4.24 लाख लोगों ने देखे नजारे एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि राज्य में 362867 एकड़ सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी की गई है. बोकारो जिला सबसे ज्यादा अवैध जमाबंदी हुई है. यहां अवैध जमाबंदी के 50622 मामले दर्ज हैं. राज्य में अवैध जमाबंदी के 1.75 लाख मामले निपटारे के लिए सरकारी कार्यालयों में दर्ज हैं, लेकिन अबतक इनमें से मात्र 6711 मामलों का ही निष्पादन ही हो सका है. इसे भी पढ़ें-अवैध">https://lagatar.in/drug-department-should-continue-raiding-companies-making-illegal-cosmetics-makhan-pathak/">अवैध
कॉस्मेटिक बनाने वाली कंपनियों पर छापेमारी जारी रखे ड्रग डिपार्टमेंट: माखन पाठक सांसद ने सदन में कहा कि 1980-82 में रांची के ओरमांझी प्रखंड के मूटा गांव में सरकार ने भूमिहीनों को करीब 100 एकड़ जमीन दिया था, जिसमें दबंगों ने अवैध कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी है. जमीन के मालिक डरे हुए हैं. उन्होंने मामले की जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. [wpse_comments_template]
संसद में उठा झारखंड में गैर-मजरुआ जमीन की अवैध खरीद-बिक्री का मामला

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