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बजट सत्र : मैन पावर उपलब्ध कराने वाली सात कंपनियों पर केस दर्ज, फिर भी वह काम कर रहीं : प्रदीप यादव

  • बजट सत्र : मैन पावर उपलब्ध कराने वाली सात कंपनियों पर केस दर्ज है, फिर भी वह काम कर रही : प्रदीप यादव
  • जैप आईटी शोषक जमींदार के रूप में बैठा है
Ranchi :  झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 18वें दिन प्रदीप यादव ने मैन पावर सप्लाई करने वाली एजेंसियों का मुद्दा उठाया. कहा कि चार साल बाद भी उन्हीं कंपनियों को शॉर्ट लिस्ट किया जा रहा है. इसमें से सात कंपनियों पर केस दर्ज है. फिर भी ये काम कर रही है.  जैप आईटी शोषक जमींदार के रूप में बैठा है. ये कंपनियां युवाओं के मानदेय को निगल रही है. इस पर मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग के अंतर्गत जैप-आईटी मैन पावर रेड कांट्रेक्ट के आधार पर एजेंसी को सूचीगत करती है. विभाग उपरोक्त एजेंसी के माध्यम से स्वयं मैनपावर हायर करती है. लेकिन विभाग इस रेट कांट्रेक्ट से बंधा हुआ नहीं है. वे अपने अनुबंध के तहत किसी भी एजेंसी से जनशक्ति प्राप्त कर सकते हैं. खुली निविदा के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाता है. चयन में झारखंड की एजेंसी को प्राथमिकता दी जाती है. शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग को जांच/कार्रवाई के लिए लिखा जाता है और एजेंसी के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जाती है.

जंगल का आकलन सेटेलाइट के माध्यम से होता है : सुदिव्य

हेमलाल मुर्मू ने सदन में जंगलों में आगजनी, जंगल की कटाई और आगलगी से जंगली जानवरों की मौत का मामला उठाया. इस पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि जंगल की कटाई पूरी तरह से बंद है. लकड़ी चोरी की आंशिक घटनाएं होती हैं. महुआ चुनने के दौरान आग लगने की घटना होती है. पहले महुआ के लिए नेट का उपयोग किया जाता था. पीटीआर में महुआ पेड़ों की जिओ टैगिंग की गयी है, ताकि उन पेड़ों की विशेष निगरानी रखी जा सके. सरकार के पास आग की चपेट में आए जानवरों और सांप की संख्या का कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है. शेर, हाथी, चीता की गणना होती है. लेकिन सांप, नेवला और चिड़िया की गणना नहीं की जाती है. वन का आकलन सेटेलाइट के माध्यम से होता है. ग्रामीणों को हुए नुकसान की रिर्पोटिंग नहीं है. वृक्षारोपण मल्टीपल हेड से होता है.

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