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झारखंड में बढ़े मानव तस्करी के मामले, झारखंड के 10 जिलों में है प्रभाव, देखें आंकड़े

Ranchi: झारखंड में मानव तस्करी के मामले बढ़े हैं. झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्यों में हर साल ये मामले गंभीर रूप लेते जा रहे हैं. आंकड़े के मुताबिक साल 2023 में झारखंड में मानव तस्करी के कुल 207 मामले सामने आए थे, जिनमें से 198 पीड़ितों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया और 102 तस्करों को गिरफ्तार किया गया. वहीं साल 2024 में मानव तस्करी के मामले बढ़कर 282 तक पहुंच गया, जिसमें 257 लोगों को बचाया गया और 97 तस्करों की गिरफ्तारी हुई. अगर हम 2023 साल से 2024 की तुलना करें तो एक साल में सिर्फ झारखंड में 36.7 प्रतिशत मानव तस्करी के मामले बढ़े हैं. साल 2023 में जहां 36 मामले लंबित थे. वहीं साल 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 282 तक पहुंच गया, जिसमें 257 लोगों को बचाया गया और 97 तस्करों की गिरफ्तारी हुई. मानव तस्करी की एक बड़ी वजह गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और जागरूकता का अभाव है. इसे भी पढ़ें -जेल">https://lagatar.in/decision-on-bail-of-satish-accused-of-murdering-aman-singh-in-jail-on-30th/">जेल

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झारखंड के दस जिले में दर्ज हुए मानव तस्करी के मामले

रांची: 47 रेल धनबाद: 42 लोहरदगा: 37 साहेबगंज: 35 गिरिडीह: 17 जामताड़ा: 15 पलामू: 14 रेल जमशेदपुर: 12 खूंटी: 09 चाईबासा: 09

257 शिकार हुए लोगों में से 18 वर्ष से कम उम्र के 91 युवक और 86 युवतियां

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alt="scasc" width="600" height="400" /> मानव तस्करी के कुल 257 शिकार हुए लोगों में से 18 वर्ष से कम उम्र के 91 युवक और 18 वर्ष से अधिक उम्र के 86 युवक थे. वहीं 18 वर्ष से कम उम्र की 86 युवतियां और 18 वर्ष से अधिक की 17 महिलाएं इस अपराध का शिकार हुईं. झारखंड में कुछ ही ऐसे हॉटस्पॉट जिले हैं, जहां हर साल ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. इन जिलों में साहिबगंज, रांची, खूंटी, चाईबासा और सिमडेगा शामिल हैं. यहां से सबसे अधिक युवतियां व महिलाओं की तस्करी होती हैं. मानव तस्करी की शिकार लड़कियों को दिल्ली, नोएडा, मुंबई, पुणे जैसे महानगरों में तस्करी करके उन्हें बेच दिया जाता है. जहां ये लड़कियां महानगरों में किसी घरों में नौकरानी या यौन संबंधी अपराधों में शामिल करा दिया जाता है. इसे भी पढ़ें -महाकुंभ">https://lagatar.in/heartbroken-to-hear-the-news-of-tragic-stampede-in-mahakumbh-hemant-soren/">महाकुंभ

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