Ranchi : झारखंड में नवगठित प्रदेश अनुशासन समिति की पहली बैठक मंगलवार को कांग्रेस भवन में संपन्न
हुई. अनुशासन समिति ने अखिल भारतीय कांग्रेस
कमिटी के निर्देश पर कैश कांड में
पकड़ाये विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप व
विक्सल कोनगाड़ी को पार्टी से निलंबित करने के मामले पर सहमति
जतायी. निलंबित विधायकों को पूर्व में पार्टी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया
था. लेकिन तीनों विधायक जेल में बंद
थे. सोमवार को ही तीनों विधायक जेल से बाहर आये
हैं. इसलिए अनुशासन समिति द्वारा तीनों विधायकों को फिर से कारण बताओ नोटिस जारी किया
जायेगा. नोटिस का जवाब
पत्र/ सूचना प्राप्त होने के सात दिनों के अंदर ईमेल, वाट्सएप्प, कूरियर से विधायकों को भेजना
है. विधायकों का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई पर प्रदेश अनुशासन समिति विचार
करेगी. बैठक में निर्णय लिया गया कि अनुशासन समिति के गठन की सूचना आधिकारिक रूप से सभी जिलाध्यक्ष, विधायकगण, सांसद को भी दे दी
जाए. इसे भी पढ़ें- आदित्यपुर">https://lagatar.in/ranchi-research-paper-writing-competition-on-the-topic-subhash-swaraj-sarkar/">आदित्यपुर
: 4.91 लाख से बना भाटिया तटबंध फिर टूटा, 130 परिवारों पर बाढ़ का खतरा बरकरार सभी स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए एक समान मापदंड
झारखंड प्रदेश कांग्रेस
कमिटी के प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने बताया कि अनुशासन समिति पूरी तरह से कांग्रेस
संविधानों के प्रावधानों के अनुरूप निष्पक्ष रूप से अनुशासनहीनता के मामले का मापदंड सभी स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए एक समान तय
करेगी. बैठक में अनुशासन समिति के अध्यक्ष
ब्रजेन्द्र प्रसाद सिंह, अनादि ब्रह्म, केशव महतो कमलेश, काली चरण मुंडा, शमशेर आलम, अमूल्य नीरज खलखो शामिल
थे. इसे भी पढ़ें- बिहार">https://lagatar.in/bihar-speaker-vijay-sinha-said-i-will-not-resign-i-will-keep-my-point-in-the-assembly/">बिहार
: स्पीकर विजय सिन्हा बोले- इस्तीफा नहीं दूंगा, विधानसभा में अपनी बात रखूंगा [wpse_comments_template]
Leave a Comment