17 मई को SC में टल गई थी सुनवाई
बिहार में जातीय जनगणना पर 17 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई थी. सुनवाई से पहले ही दो जजों की बेंच में एक जस्टिस संजय करोल ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया था. बता दें कि, पटना हाईकोर्ट ने 4 मई को अंतरिम आदेश जारी कर जातिगत गणना पर रोक लगा दी थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नीतीश सरकार ने जातिगत गणना पर से रोक हटाने की मांग की थी. पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस वी चन्द्रन की बेंच ने हाईकोर्ट में 3 जुलाई को अगली सुनवाई का आदेश दिया था. जिसके बाद राज्य सरकार ने ये मांग की थी की इस मामले की सुनवाई में देरी न हो.लालू यादव ने ट्वीट कर बीजेपी पर बोला था हमला
वहीं दूसरी ओर लालू यादव ने भी ट्वीट कर केंद्र सरकार पर हमला बोला था. उन्होंने कहा कि “केंद्र सरकार घड़ियाल की गिनती कर लेती है लेकिन देश के बहुसंख्यक गरीबों, वंचितों, उपेक्षितों, पिछड़ों और अतिपिछड़ों की नहीं? उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर आप को गरीबों पिछड़ों से इतनी नफरत क्यों है”केंद्र सरकार घड़ियाल की गिनती कर लेती है लेकिन देश के बहुसंख्यक गरीबों, वंचितों, उपेक्षितों, पिछड़ों और अतिपिछड़ों की नहीं?
RSS/BJP देश के OBC को जानवरों से भी बदतर मानती है इसलिए इन्हें जातीय गणना और जातीय सर्वे से दिक्कत है। BJP को पिछड़ों से इतनी नफरत और दुश्मनी क्यों?… pic.twitter.com/VMlw1TOqxf">https://t.co/VMlw1TOqxf">pic.twitter.com/VMlw1TOqxf
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) May">https://twitter.com/laluprasadrjd/status/1658727264635240450?ref_src=twsrc%5Etfw">May
17, 2023

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