Ranchi : सीबीआई (पटना) ने NEET छात्रा हत्या कांड की जांच शुरू करने के लिए अपनी आंतरिक तैयारियां पूरी कर ली है. केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार की अनुशंसा के आलोक में सीबीआई जांच से संबंधित आदेश जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. दो-तीन दिनों में प्राथमिकी दर्ज किये जाने की संभावना है.
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने NEET छात्रा की हत्या मामले में सीबीआई जांच की अनुशंसा की है. साथ ही दिल्ली पुलिस स्टैबलिशमेंट एक्ट की धारा छह के तहत सीबीआई को राज्य में जांच करने के लिए अधिकृत कर दिया है. राज्य सरकार की अनुशंसा के बाद केंद्र सरकार में दिल्ली पुलिस स्टैबलिशमेंट एक्ट की धारा पांच के तहत अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गयी है.
केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस स्टैबलिशमेंट एक्ट की धारा पांच के तहत अधिसूचना जारी कर सीबीआई की शक्तियों को राज्य तक बढ़ा दिया जाता है. केंद्र सरकार द्वारा इससे संबंधित अधिसूचना जारी करने के बाद सीबीआई NEET छात्रा हत्या कांड के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर नियमित जांच शुरू करेगी. साथ ही पुलिस द्वारा मामले में अब तक की जांच से जुड़े दस्तावेज और सबूत ले लेगी.
राज्य सरकार द्वारा NEET छात्रा हत्या कांड की सीबीआई जांच की अनुशंसा के बाद से ही पटना सीबीआई ने अपनी आंतरिक तैयारियां शुरू कर दी थी. इस प्रक्रिया के दौरान सीबीआई अपने स्रोतों से घटना के सिलसिले में जानकारी जुटाती है. इसके अलावा अपने स्रोतों से जुटायी गयी जानकारी से संबंधित विस्तृत आंतरिक रिपोर्ट तैयार करती है. सीबीआई की इस गतिविधि को किसी नियमित मामले की जांच शुरू करने से पहले की गयी प्रारंभिक जांच के तौर पर देखा जाता है.
उल्लेखनीय है कि जहानाबाद निवासी छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभु गर्ल्स हॉस्टल में रह कर NEET की तैयारी कर रही थी. छात्रा को उसके कमरे में बेहोश पाये जाने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था. इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गयी थी. पुलिस की ओर से शुरू में इसे आत्महत्या का मामला बताने की कोशिश की गयी. लेकिन पोस्टमार्टम में छात्रा के शरीर पर संघर्ष और दुष्कर्म से संबंधित निशान पाये जाने के बाद विवाद गहरा गया.
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान हॉस्टल संचालक और कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने हत्या कांड की सीबीआई जांच की अनुशंसा की. हालांकि छात्रा के पारिवारिक सदस्यों को अब तक की घटनाओं के मद्देनजर सिर्फ सीबीआई जांच पर भरोसा नहीं है. छात्रा के पारिवार मामले की जांच न्यायालय की निगरानी में कराने के पक्ष में हैं.
छात्रा के पिता की ओर से न्यायिक जांच की मांग को लेकर पटना हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गयी थी. इसमें हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच कराने की मांग की गयी थी. याचिका में पुलिस और SIT पर अपराधियों को पकड़ने के बदले छात्रा के घर वालों को ही परेशान करने का आरोप लगाया गया था. न्यायाधीश अरुण कुमार झा की पीठ में इस याचिका की सुनवाई हुई. न्यायालय ने मामले में न्यायिक जांच की मांग को अस्वीकार कर दिया. न्यायालय ने कहा कि सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की है. ऐसी स्थिति में फिलहाल मामले में न्यायालय के हस्तक्षेप की जरूरत नही है.


Leave a Comment