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कोरोना के बाद तीसरी महामारी के रूप में आयी सीबीआई-ईडी : हेमंत सोरेन

  • कहा- स्कूलों की ग्रेडिंग कराकर उत्कृष्ट प्रिंसिपल और शिक्षकों को दिया जाएगा सम्मान
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को माध्यमिक टीचर के रूप में चयनित 3459 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया. खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने सांकेतिक रूप से 10 शिक्षकों को अपने हाथ से नियुक्ति पत्र सौंपा. कहा कि आप हमारे झारखंड के बच्चों के भगवान हैं. आपको ही इनका भविष्य बनाना है. लंबे संघर्ष व शहादत के बाद दिशेम गुरु शिबू सोरेन ने इस राज्य का गठन कराया. मगर राज्य गठन के 23 वर्ष गुजर जाने के बाद भी हमारी गिनती देश के सबसे पिछड़े एवं मजदूर राज्य के रूप में होती है. बहुत तकलीफ होती है. सरकारी स्कूल को ऐसा बनाकर रख दिया गया है कि एक कमरे में 100 बच्चे और एक ही टीचर सारे विषय पढ़ा रहे हैं. यह हाल कर दिया गया यहां की शिक्षा व्यवस्था का. अब ऐसा नहीं होगा. शिक्षा बुनियादी चीजों में एक है. इस मिथ को तोड़ना होगा कि सरकारी स्कूल में बच्चे पढ़ नहीं सकते हैं, कुछ बन नहीं सकते हैं. जेपीएससी में नियुक्त हुए अफसरों में करीब 35 बीपीएल श्रेणी से आते हैं. यह जानकर बहुत खुशी और सकून मिला. हमारे बच्चे बहुत कुछ कर सकते हैं. बस जरूरत है तो इच्छाशक्ति की. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गठन होते ही दो साल लगातार कोरोना महामारी आ गयी. इसके बाद जब सरकार ने काम-काज करना शुरू किया, निर्णय लेना शुरू किया, तो तीसरी महामारी के रूप में सीबीआई-ईडी के रूप में लाया गया. सरकार को काम करने से रोकने का प्रयास किया गया. सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया गया. इसके बाद भी हम रुके नहीं, लगातार काम कर रहे हैं और निर्णय ले रहे हैं.

22 के बाद शुरू हुई नियुक्ति प्रकिया, आगे और तेज होगी

मुख्यमंत्री हेने कहा कि कोरोना खत्म होने के बाद लगातार नियुक्तियां हुईं. आगे और नियुक्तियां होंगी. सरकारी प्रकिया अब अंतिम चरण में है. न केवल सरकारी सेवा में बल्कि निजी क्षेत्र में हजारों की नियुक्ति हुई. निजी क्षेत्र में जिनकी नियुक्ति हुई, उन्हें हमने छोड़ा नहीं है. उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है. डाटा बेस तैयार किया गया है, ताकि आगे कोई दिक्कत न हो और तेजी से हम प्रगति करें. हम केवल नियुक्तियां ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि यहां के होनहार छात्रों के साथ खड़े हैं, ताकि पैसा उनके लिए बाधा नहीं बने. विदेशों में पढ़ने के लिए भी सरकार सहायता कर रही है. लोन भी मुहैया करा रही है.

उत्कृष्ट प्रिंसिपल एवं शिक्षकों को दिया जाएगा सम्मान

हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार सभी सरकारी स्कूलों की ग्रेडिंग करा रही है. इसके आधार पर उत्कृष्ट प्रिंसिपल एवं शिक्षकों को अप्रत्याशित रूप से सम्मानित किया जाएगा. यह क्या होगा. इसका खुलासा अभी नहीं कर रहे हैं.

एक शिक्षक को 100 प्रतिशत स्कोर करने पर ही बच्चों का भविष्य बनेगा : मुख्य सचिव 

मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि एक शिक्षक को 100 प्रतिशत स्कोर करने के लिए कई तरह के काम करने होंगे. तभी एक बच्चा पूर्ण रूप से शिक्षित हो सकेगा. केवल पढ़ाने से स्कोर 60 प्रतिशत ही होगा. 30 प्रतिशत आपको लोकल लैंग्वेज में बात करके बच्चों को सीखना होगा-समझना होगा. शुरुआत में यह प्रयास करें कि स्कूल के आसपास ही रहने की व्यवस्था करें, ताकि बच्चे स्कूल के बाद आपके पास जा सकें. रही 10 प्रतिशत, तो आप बच्चों का अच्छा जीवन की ओर प्रेरित करें. तब जाकर एक शिक्षक का 100 प्रतिशत का स्कोर होगा. इस मौके पर सीएम के प्रधान सचिव वंदना डाडेल, सीएम के सचिव विनय चौबे, शिक्षा सचिव के रविकुमार सहित कई विभागीय अफसर मौजूद थे.

क्या- कहा मंत्रियों ने

  • शिक्षक समाज में अभिभावक की भूमिका में हैं, आपके बिना एक सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है : आलमगीर आलम
  • आज शिक्षक घर जाकर हेमंत सोरेन के नाम के घी के दिए जलाएं, जिन्हें काम और विकास नजर नहीं आ रहा है, उन्हें बताएं : सत्यानंद भोक्ता

इन विषयों के शिक्षक को मिली नियुक्ति पत्र 

इतिहास / नागरिक शास्त्र में 779, संस्कृत में 398, भूगोल में 341, हिंदी में 337, अर्थशास्त्र में 260, गणित /भौतिकी 268, अंग्रेजी में 249, जीव विज्ञान / रसायन 184, खेल शिक्षा 184, कॉमर्स 118, संगीत 97, उर्दू 27, गृह विज्ञान 50, संताली 42, बांग्ला 29, कुडुख 28, नागपुरी 11, मुंडारी 11, कुरमाली 4, उड़िया 2, हो 1, पंचपरगनिया 1.

लोग कहते थे कि इसको नौकरी कैसे होगाी : नवीन

धनबाद जिला के एक छोटे से गांव मुकुंदा में रहने वाले नवीन कुमार ने बताया : मैxने कई सालों से तपस्या की, जिसका परिणाम है कि आज मुझे मेरी मंजिल मिल गई. इस दौरान कई उतार -चढ़ाव भी रहा. एक समय एसा भी था जब लग रहा था कि आब कुछ नहीं हो पाएगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश ने हमारी इच्छा को जगा दिया.

लंबे समय बाद इंतजार हुआ खत्म :निशा कुमारी

गिरिडीह की रहने वाले निशा कुमारी ने कहा कि एक लंबे समय के इंतजार के बाद इंतजार खत्म हो गया है. मेरी नियुक्ति बोकारो जिले में हुई है. लगातार मेहनत से अपनी मंजिल तक पहुंची. सभी को एक लक्ष्य तैयार करना चाहिए. उस लक्ष्य पर ईमानदारी से लग जाना चाहिए. निश्चित है कि सफलता मिलेगी.

आज शिक्षक बन गया : अमर लाल

हजारीबाग के रहने वाले अमर लाल राम ने कहा कि भूगोल से मैंने एमए किया फिर बीएड किया. बचपन से शिक्षक बनने की इच्छा थी. आज शिक्षक बन गया. आज बहुत खुश हूं, क्योंकि इस जगह तक पहुंचने के लिए मैंने काफी संघर्ष किया है. मेरी नियुक्ति एक शिक्षक के रूप में हुई है और मैं इस जिम्मेदारी को अच्छे से निभऊंगा. हम सुप्रीम कोर्ट का भी धन्यवाद देते हैं, जो हमारी मेहनत का सम्मान किया.

अपनी मेहनत पर भरोसा करें :चंदन कुमार

हजारीबाग के रहने वाले चंदन कुमार दिव्यांग हैं. उन्होंने कहा कि जीवन में हम मेहनत से बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं. हमें अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी से काम करने की जरूरत है.

अपनी कमजोरी को मजबूती में बदलनी चाहिए : अमिता झा

अमिता झा देवघर से आयी थीं. वह दिव्यांग हैं. उन्होंने कहा कि हमें अपनी कमजोरी को मजबूती में बदलनी चाहिए. मैं लगातार पढ़ती रही. अब मैं बच्चों को इंग्लिश पढ़ाऊगी.

हमारी जीत हुई :आशीष शर्मा

बोकारो के रहने वाले आशीष शर्मा ने बताया कि काफी संघर्ष के बाद आज ये सफलता मिली है. 2016 में हमलोगों ने फॉर्म भरा. 2017 में इसकी परीक्षा हुई. मामला कोर्ट में चला गया. आखिरकार हमारी जीत हुई. इसे भी पढ़ें – BREAKING">https://lagatar.in/big-decision-on-2000-note-rbi-will-withdraw/">BREAKING

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