अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अवैध रिश्वत की मांग और स्वीकार कर रहा था
सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आयकर के विभिन्न करदाताओं से अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अवैध रिश्वत की मांग और स्वीकार कर रहा था. यह भी आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन इनकम टैक्स कमिश्नर (पटना और धनबाद) की ओर से कई लोग काम कर रहे थे. सीबीआई ने एक निजी व्यक्ति को आयकर भवन, पटना के कार्यालय में 10 लाख रुपये की रिश्वत राशि का लेन-देन करते हुए पकड़ा. इसके अलावा, तीन और आरोपियों की भूमिका भी सामने आई, जिन्हें भी जाल की कार्यवाही के दौरान पकड़े गए. इसे भी पढ़ें - अमित">https://lagatar.in/amit-shah-flags-off-run-for-unity-says-it-has-become-a-resolution-for-developed-india/">अमितशाह ने रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखायी, कहा, यह विकसित भारत का संकल्प बन गयी है [wpse_comments_template]
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