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सीबीआई ने शुरू की बालासोर ट्रेन हादसे की जांच, टीएमसी, कांग्रेस ने कहा, CBI जांच क्यों? सुरक्षा के खोखले दावे उजागर हो गये

New Delhi : सीबीआई द्वारा ओडिशा (बालासोर) ट्रेन हादसे की जांच शुरू कर दिये जाने की खबर है. सीबीआई की टीम सोमवार शाम रेल हादसे की जांच करने घटना स्थल पर पहुंची. बताया जा रहा है कि सीबीआई ने दुर्घटना वाली जगह से अहम सुराग जुटाए हैं. जान लें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा ट्रेन दुर्घटना की जांच सीबीआई से कराये जाने की बात कही थी बालासोर रेलवे पुलिस ने इस मामले में 3 जून को FIR दर्ज की थी. नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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बालासोर रेलवे पुलिस की FIR के आधार पर CBI जांच करेगी

बालासोर रेलवे पुलिस ने अपने FIR में अज्ञात के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करते हुए रेलवे एक्ट और IPC की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. खबर है कि इसी FIR के आधार पर CBI इस मामले की जांच करेगी. बालासोर ट्रेन दुर्घटना में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153, 154 और 175 के तहत कटक में सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

सीबीआई की जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाती

इस बीच खबर आयी है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है  इस हादसे की जांच सीबीआई से कराने का कोई मतलब नहीं निकलता, क्योंकि इस तरह के मामलों में सीबीआई की जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाती. कहा कि यह काम रेलवे सेफ्टी बोर्ड का है, उसे जल्द जांच कर जानकारी सामने रखनी चाहिए कि इतना बड़ा एक्सीडेंट किस कारण से हुआ, कौन जिम्मेदार है. उन्होंने कहा, मैंने 12 साल पहले ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस हादसे की सीबीआई जांच के आदेश दिये थे. लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला

कांग्रेस भी सीबीआई जांच पर सवाल उठा रही है.

कांग्रेस भी सीबीआई जांच पर सवाल उठा रही है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी को इस मामले में पत्र लिखा है. कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कमियों को स्वीकार नहीं करना चाहते. सीबीआई जांच को लेकर लिखा कि इसका काम अपराधों की जांच करना है. यह रेल दुर्घटनाओं की जांच के लिए नहीं है. खड़गे ने कहा कि अश्विनी वैष्णव के सुरक्षा के सभी खोखले दावे उजागर हो गये हैं.

केवल खबरों में बने रहने के लिए सतही काम किया जा रहा है

खड़गे ने आरोप लगाया कि बुनियादी स्तर पर रेलवे को मजबूत करने पर ध्यान देने के बजाय केवल खबरों में बने रहने के लिए सतही काम किया जा रहा है. जयराम रमेश ने तंज कसते हुए ट्वीट किया है. एक पूर्व रेल मंत्री, जो 7 महीने तक पद पर रहे और बाद में भाजपा में चले गये, ओडिशा की भयावह दुर्घटना के बारे में कॉक-एन-बुल थ्योरी लेकर आ रहे हैं. वह भाजपा नेतृत्व को प्रभावित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि वह अपने लुटियंस दिल्ली बंगले को रख सकें, जिसे उन्होंने 18 माह पहले सांसद न रहने के बाद भी खाली नहीं किया है. दयनीय! [wpse_comments_template]

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