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सीजफायर : कांग्रेस की मांग,संसद का विशेष सत्र बुलायें, भाजपा पर भड़की

NewDelhi : पाकिस्तान के साथ हुए सीजफायर को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार से कई सवाल पूछे हैं. इस मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अचानक सीजफायर की घोषणा कर दी. पूछा कि क्या यह भारत सरकार की कूटनीतिक नाकामी नहीं है? क्या भारत ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को स्वीकार कर लिया है? हमने सीजफायर में पाकिस्तान से क्या वादे लिये हैं, देश के लोगों को यह भी जानने का हक है. कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रेस कॉंफ्रेस में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र लिखकर पीएम मोदी से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है, जिसमें सभी दलों को बताया जाना चाहिए कि युद्ध विराम की क्या शर्ते हैं? कांग्रेस ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में हमारे बेगुनाह लोगों की जान गयी, देश गुस्से से भर गया. सरकार ने सेना को कार्रवाई की खुली छूट दी. कांग्रेस भी हर कदम पर सरकार के साथ खड़ी रही. हमारी सेना ने आतंकी ठिकानों को तबाह किया, लेकिन फिर जिस तरह से ट्रंप का ट्वीट आया, उससे हम सभी अचंभित हैं. इससे हम सभी के मन में बहुत सारे सवाल खड़े हुए हैं. क्या हमने ट्रंप के बयान से मध्यस्थता स्वीकार कर ली? क्या हमने ट्रंप के बयान से मध्यस्थता स्वीकार कर ली? क्या शिमला समझौता अब रद्द हो गया? ऐसे बहुत सारे सवाल हैं. इसलिए कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार एक सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाये ताकि सारी स्थिति साफ हो सके. कहा कि इस संकट की घड़ी में कांग्रेस ने अपने राजनीतिक कार्यक्रम रद्द किये. संविधान बचाओ रैली जैसे महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम को स्थगित किया ताकि देश में एकजुटता का संदेश जाये. हमने जय हिंद यात्रा निकाली ताकि सेना का मनोबल बढ़े हमने जय हिंद यात्रा निकाली ताकि सेना का मनोबल बढ़े और जनता आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट हो. हमने सरकार से कहा कि कितना भी बड़ा संकट आये, कांग्रेस आपके साथ है. लेकिन जब पूरा देश सेना के साथ खड़ा था. तो भाजपा नेता ट्विटर पर BJP और UPA की तुलना कर इसे राजनीतिक रंग दे रहे थे. भाजपा नेता सेना की बहादुरी को अपनी उपलब्धि बता रहे थे. सेना के बलिदान को चुनावी बयानबाजी में इस्तेमाल करना उचित है? कांग्रेस ने कहा कि क्या सेना के बलिदान को चुनावी बयानबाजी में इस्तेमाल करना उचित है? भाजपा के एक नेता ने ट्वीट किया कि कांग्रेस के समय आतंकियों को माफी दी जाती थी और नरेंद्र मोदी ने सबक सिखाया. यह झूठ है. हमारा स्पष्ट संदेश रहा है कि भारत की एकता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. एक तरफ कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में जय हिंद यात्रा निकाली, जो सशस्त्र बलों के पराक्रम को सलाम करने और आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति श्रद्धांजलि देने की मुहिम थी.  भाजपा राष्ट्र संकट वाली स्थिति में भी राजनीति करती रही दूसरी तरफ भाजपा राष्ट्र संकट वाली स्थिति में भी राजनीति करती रही, लेकिन कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ खड़ी रही, क्योंकि हम देशहित की बात करते हैं. पहलगाम आतंकी हमले के बाद हमारी वीर सेना ने संकल्प और साहस के साथ दुश्मनों को जिस तरह से मुंहतोड़ जवाब दिया, वह पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का पल था. कांग्रेस पार्टी ने राजनीति को पीछे रखा और देशहित को प्रथम स्थान दिया. हमारे जवानों ने अनेक युद्धों में भारत की अखंडता को बचाया. 1971 के बाद इंदिरा गांधी जी ने दुनिया को दिखा दिया था कि भारत किसी के सामने झुकने वाला नहीं है. आज भी हमारी सेना उसी जज़्बे के साथ सीमा पर डटी हुई है . कांग्रेस पार्टी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. जब भी देश पर संकट आया, कांग्रेस पार्टी ने राजनीति को पीछे रखा और देशहित को प्रथम स्थान दिया. 1965 में लाल बहादुर शास्त्री जी ने ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा देकर देश को एक सूत्र में बांधा. 1971 में इंदिरा गांधी जी ने अमेरिका के दबाव को ठुकराकर पाकिस्तान को धूल चटा दी. आज भी हमारा वही संकल्प है. आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में राजनीति नहीं राष्ट्रवाद चाहिए.  आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में राजनीति नहीं राष्ट्रवाद चाहिए. हमने उनसे सीखा है कि दुश्मन से बातचीत की मेज पर बैठें तो कमजोरी नहीं ताकत दिखायें. 1971 में हमने पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों को घुटने पर ला दिया था, लेकिन आज सरकार से पूछा जाये कि क्या अमेरिका के दबाव में हमने अपनी नीति बदल दी है? इसे भी पढ़ें : ऑपरेशन">https://lagatar.in/operation-sindoor-showed-indias-strength-to-the-whole-world-bjp/">ऑपरेशन

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