ईरान ने इसके विरोध में दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग Strait of Hormuz को फिर से बंद कर दिया है, जहां से दुनिया का लगभग 20 फीसदी तेल गुजरता है. अहम बात यह है कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच अचानक दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा की गयी.
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को धमकाया था कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान में एक सभ्यता का अंत होने वाला है. ऐसी तबाही मचेगी, जिससे वापस आना ईरान के लिए मुमकिन नहीं होगा.
इसके बाद ईरान सीजफायर पर सहमत हुआ. लेकिन युद्धविराम लागू होने के कुछ ही घंटों बाद इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम हिज़्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई पर लागू नहीं होता. इज़राइल लेबनान में अपने हमले जारी रखेगा.
इसके बाद इज़राइल ने लेबनान पर भीषण हवाई हमला शुरू कर दिया.इधर ईरान ने समझौते के बाद भी कहा था कि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलेगा, जबकि अमेरिका की इस बात से आपत्ति है.अब युद्धविराम की शर्तों को लेकर भी भारी मतभेद सामने आ रहे हैं.
अमेरिका ने कहा है कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगानी होगी, जबकि ईरान इस पर सहमत नहीं हुआ है इज़राइल लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए है. इस कारण समझौता खटाई में पड़ता दिख रहा है.
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