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CEC विपक्ष के आरोपों पर बरसा, चुनाव प्रक्रिया में जिलाधिकारियों को प्रभावित करने के प्रयासों का सबूत मांगा

निर्वाचन आयोग ने  150 जिलाधिकारियों को प्रभावित करने का प्रयास किये जाने संबंधी दावे को साबित करने के लिए कांग्रेस के जयराम रमेश को अतिरिक्त समय देने से इनकार किया. New Delhi :  मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने सोमवार को विपक्ष को चुनौती दी कि वे उन आरोपों के साक्ष्य साझा करें जिनमें कहा गया है कि निर्वाचन अधिकारियों और जिलाधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया को दूषित करने के लिए प्रभावित किया गया था, ताकि आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके. कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विपक्ष को मतगणना शुरू होने से पहले चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के बारे में भी आयोग को बताना चाहिए. संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसएस संधू भी मौजूद थे.                                         ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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आप अफवाह फैलाकर सभी को संदेह के घेरे में नहीं ला सकते

कुमार ने कहा,आप अफवाह फैलाकर सभी को संदेह के घेरे में नहीं ला सकते. उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के किसी भी विदेशी प्रयास से निपटने के लिए तैयारी की थी, लेकिन ये आरोप देश के भीतर से ही आये हैं. जिलाधिकारियों को प्रभावित किये जाने के आरोपों पर आपत्ति जताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा,आरोप लगाने वालों को बताना चाहिए कि किस जिलाधिकारी को प्रभावित किया गया और हम उन्हें दंडित करेंगे. मतगणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले उन्हें हमें बताना चाहिए. इसके साथ ही  निर्वाचन आयोग ने  150 जिलाधिकारियों को प्रभावित करने का प्रयास किये जाने संबंधी दावे को साबित करने के लिए कांग्रेस के जयराम रमेश को अतिरिक्त समय देने से इनकार किया.

रमेश ने दावा किया कि शाह 150 जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टरों से बात कर चुके हैं

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया था कि गृह मंत्री अमित शाह जिलाधिकारियों या कलेक्टरों को फोन कर रहे हैं और उन्हें खुलेआम डराने-धमकाने में लगे हैं. चुनाव के दौरान जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर अपने-अपने जिलों के निर्वाचन अधिकारी होते हैं. रमेश ने दावा किया कि शाह पहले ही 150 जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टरों से बात कर चुके हैं.  कुमार ने रविवार को आयोग से मुलाकात करने वाले बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया था और कहा था कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे सात दशकों से चली आ रही चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा हैं.

बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाये गये अधिकांश मुद्दे चुनाव नियमावली का हिस्सा थे

कुमार ने कहा,कुछ मांग बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा की गयी थीं. हमनें उनकी सभी मांगें मान लीं. उन्होंने संकेत दिया कि बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाये गये अधिकांश मुद्दे चुनाव नियमावली का हिस्सा थे.  कुमार ने कहा,यह प्रक्रिया 70 सालों से चल रही है... हमने हर निर्वाचन अधिकारी/सहायक निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिये हैं. ये हमारे आदेश हैं और ये कोई मजाक नहीं है... सभी को हैंडबुक/नियमावली का पालन करने का निर्देश दिया गया है, हालांकि  कुमार ने स्वीकार किया कि निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया के दौरान फैलाये गये शरारतपूर्ण विमर्श का मुकाबला करने में विफल रहा है. [wpse_comments_template]

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