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Hazaribagh News: कार्यपालक अभियंता के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित, अनियमितता पर मेयर सख्त

नगर निगम की साधारण बोर्ड बैठक बुधवार को महापौर अरविंद राणा की अध्यक्षता में निगम सभागार में हुई. करीब पांच घंटे तक चली बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था, सड़क-नाली निर्माण, जलजमाव, वित्त आयोग की योजनाएं, राजस्व वृद्धि, अतिक्रमण, सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
 
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Hazaribagh: नगर निगम की साधारण बोर्ड बैठक बुधवार को महापौर अरविंद राणा की अध्यक्षता में निगम सभागार में हुई. करीब पांच घंटे तक चली बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था, सड़क-नाली निर्माण, जलजमाव, वित्त आयोग की योजनाएं, राजस्व वृद्धि, अतिक्रमण, सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.

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बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू हुई और शाम चार बजे समाप्त हुई. पहली बार पदेन सदस्य के रूप में सांसद मनीष जायसवाल बैठक में शामिल हुए. महापौर अरविंद राणा, उपमहापौर अविनाश कुमार यादव और नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता ने स्वागत किया.

 

बैठक का सबसे अहम निर्णय नगर निगम के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करना रहा. सदन ने पेयजल आपूर्ति में लगातार आ रही समस्याओं, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं तथा विकास योजनाओं के कार्यस्थलों पर अनिवार्य सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने को गंभीर लापरवाही माना. महापौर अरविंद राणा ने कहा कि सूचना बोर्ड नहीं होने से आम लोगों को योजना की लागत, अवधि, संवेदक और कार्य की प्रगति की जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे पारदर्शिता प्रभावित होती है.

 

इन मुद्दों को गंभीर मानते हुए महापौर ने कार्यपालक अभियंता के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया. साथ ही निर्देश दिया गया कि सभी निर्माण स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाए जाएं, कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराए जाएं और पेयजल व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 

 

महापौर ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में अनियमितता या गुणवत्ता से समझौता करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.

 

बैठक में 13वें एवं 16वें वित्त आयोग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपलब्ध राशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. वार्डों से प्राप्त लगभग 37 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को जल्द स्वीकृति देकर कार्य शुरू कराने का निर्णय लिया गया. 

 

महापौर ने सदन के समक्ष शहर के विकास से जुड़े 25 महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, जिनमें लगभग 50 तालाबों एवं जलस्रोतों का संरक्षण, गहरीकरण और सौंदर्यीकरण प्रमुख रहा. तालाबों पर अतिक्रमण हटाने तथा सुरक्षा दीवार निर्माण की दिशा में भी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया.

 

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि नगर निगम की पहली प्राथमिकता सड़क, नाली और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना होना चाहिए. उन्होंने केशव हॉल के समीप नगर निगम की भूमि पर पार्किंग विकसित करने, पुराना बस स्टैंड स्थित सब्जी मंडी का विस्तार करने तथा फुटपाथी दुकानदारों के व्यवस्थित पुनर्वास का सुझाव दिया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सफाई और ड्रेनेज कार्यों के लिए आधुनिक मशीनों या अन्य आवश्यक संसाधनों की जरूरत पड़ने पर सांसद निधि से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.

 

बैठक में शिवपुरी नाला, कोनार नदी में छठ घाट सहित 42 महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भी चर्चा हुई. सांसद ने इन योजनाओं का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजने का सुझाव दिया तथा केंद्र से वित्तीय स्वीकृति दिलाने का आश्वासन दिया.

 

मानसून की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत 150 अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती कर पिछले 15 से 20 दिनों में शहर के प्रमुख नालों की विशेष सफाई कराई गई है. शेष क्षेत्रों में भी अभियान जारी है. जलजमाव की सूचना मिलते ही राहत टीम भेजकर समस्या का समाधान करने का दावा किया गया. सांसद ने नागरिकों से नालों में प्लास्टिक और ठोस कचरा नहीं डालने की अपील की.

 

बैठक के दौरान पेयजल आपूर्ति विभाग के अभियंता अरुण कुमार को जलापूर्ति व्यवस्था में लापरवाही पर फटकार लगाई गई. अवैध होर्डिंग और पार्किंग की जांच के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया गया.

 

घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए दो दिनों के भीतर रूट मैप जारी करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा पार्षदों के मानदेय, शहर में जलजमाव की समस्या, बिजली व्यवस्था और नगर निगम की आय बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. सभी पार्षदों को राजस्व वृद्धि के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा वार्डवार राजस्व की सूची उपलब्ध कराई गई.

 

बैठक के अंत में महापौर ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्यों को गति देना है और जनता से जुड़े प्रत्येक मुद्दे का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा. 

 

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