Ranchi: सामाजिक-आर्थिक एवं संसदीय अध्ययन केंद्र ने वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर को ज्ञापन सौंपकर आगामी बजट के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. इन सुझावों में बजट तैयार करने के पूर्व योजनाओं का विनिश्चय, योजनाओं, कार्यक्रमों में ओनरशिप का अभाव, ट्राइबल इकोनॉमी, संसाधन अभिवृद्धि जैसे कई विषय शामिल हैं. इसे भी पढ़ें -निशिकांत">https://lagatar.in/nishikant-dubey-said-parliamentary-committee-will-summon-facebook-accused-of-giving-wrong-statement-about-india/">निशिकांत
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ये दिए गए हैं सुझाव
- योजनाओं का विनिश्चय: बजट तैयार करने से पहले योजनाओं की प्राथमिकता तय करनी चाहिए. - ओनरशिप का अभाव: योजनाओं/कार्यक्रमों में ओनरशिप का अभाव दूर करने के लिए कालबद्ध कार्यान्वयन और उत्तरदायित्व निरूपित करना चाहिए. - ट्राइबल इकोनॉमी: झारखंड में आदिम जनजाति सहित जनजातीय आबादी 26 प्रतिशत है, इसलिए जनजातीय-आर्थिकी को समृद्ध करने के लिए योजना एवं बजट की संरचना की आवश्यकता है. - संसाधन अभिवृद्धि: संसाधन अभिवृद्धि के उपक्रम `उत्कृष्ट बजट` की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. - आउटकम आधारित विनियोजन: समाज हित में एकीकृत विकास लय के लिए कृषि, रोजगार, सिंचाई, स्वावलंबन, स्वास्थ्य में आउटकम आधारित विनियोजन आवश्यक है. इसे भी पढ़ें - निधि">https://lagatar.in/nidhi-khare-got-additional-charge-of-ministry-of-new-and-renewable-energy/">निधिखरे को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का मिला अतिरिक्त प्रभार [wpse_comments_template]
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