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केंद्र ने मांगी रिपोर्ट : मामला एनटीपीसी द्वारा 100 एकड़ जमीन पर अवैध खनन का

 
  • अवैध खनन की पुष्टि के बाद केंद्रीय वन सलाहकार समिति ने गठित उपसमिति को जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा
  • शुभम संदेश ने किया था एनटीपीसी के अवैध माइनिंग का खुलासा
  • बजट सत्र में एनटीपीसी के अवैध माइनिंग पर विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने पूछा सवाल, कहा सरकार के जबाव से संतुष्ट नहीं
  • अवैध खनन बंद हो, सड़क मार्ग से अवैध ढुलाई को भी रोका जाए : लोबिन
Pravin Kumar Ranchi: एनटीपीसी के द्वारा हजारीबाग के बड़कागांव में की गई अवैध माइनिंग को लेकर विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने बजट सत्र में प्रश्न पूछा है. जिसके जवाब में सरकार ने 37.20 हेक्टेयर भूमि में अवैध माइनिंग की बात स्वीकार की है. सरकार ने अपने जबाव में कहा है कि पकरी बरवाडीह कोल खनन परियोजना स्टेज-2 की शर्तों का उल्लंघन हुआ है. दोमुहानी नाला को नष्ट कर अवैध खनन किया गया है. इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार ने भारत सरकार को भेज दी है. भारत सरकार के फॉरेस्ट एडवाइजरी कमिटी की बैठक में भी यह मामला रखा जा चुका है. इसको लेकर भारत सरकार ने 4 सदस्यीय समिति गठित कर दी है. भारत सरकार वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली से मिले निर्देश पर राज्य सरकार इसमें कार्रवाई करेगी. वहीं सड़क मार्ग से कोयला ढुलाई के सवाल पर सरकार ने कहा कि उपायुक्त से जवाब मांगा गया है. जबाव आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. बता दें कि शुभम संदेश ने हजारीबाग के बड़कागांव में एनटीपीसी द्वारा किए गये अवैध माइनिंग का खुलासा किया था. शुभम संदेश की टीम ने प्रमुखता से अवैध माइनिंग और कन्वेयर बेल्ट लगने के बाद भी सड़क मार्ग से कोयला ढुलाई के मामले को कई किस्तों में उठाया. साथ ही पूरे मामले में जिम्मेवारों की चुप्पी और एनटीपीसी को बचाने के लिए डीएफओ की डबल रिपोर्ट को भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था.

दोषी आधिकारियों पर राज्य सरकार करे कार्रवाई

विधायक लोबिन हेम्ब्रम सरकार के जबाव से संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्तों को देखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार के अधिकारियों की है. आखिर किस अधिकारी के कार्यकाल में अवैध खनन हुआ है, उस पर सरकार कार्रवाई करें. अवैध खनन बंद हो, साथ ही सड़क मार्ग से अवैध ढुलाई को रोका जाए.

झारखंड सरकार से पत्राचार किया है

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्रालय ने झारखंड सरकार से पत्राचार किया है. मंत्रालय ने इस मामले में गठित उप समिति की जांच रिपोर्ट जल्द देने को कहा है. अवैध उत्खनन का आरोप एनटीपीसी कंपनी और त्रिवेणी सैनिक पर है. आरोप है कि एनटीपीसी और त्रिवेणी सैनिक कंपनी ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) की शर्तों का उल्लंघन कर बड़कागांव इलाके का लाइफ लाइन माना जाने वाले दुमुहानी नदी को नष्ट कर दिया. अवैध खनन इस नदी की जमीन पर भी की गई.

उपसमिति गठित,कमिटी से जल्द मांगी रिपोर्ट

फॉरेस्ट क्लियरेंस की शर्तों का उल्लंघन कर सौ एकड़ एरिया में अवैध खनन के मामले में शिकायत मिलने के बाद सरकार ने आरोपों की जांच करायी. जांच में आरोप की पुष्टि होने पर केंद्रीय एडवाइजरी कमेटी की बैठक में एक उपसमिति गठित किया. उप समिति में कृषि मंत्रालय के एडिशनल कमिश्नर ओपी शर्मा, वन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय अधिकारी, आईआईटी ( आइएसएम) धनबाद के प्रोफेसर अंशुमाली और झारखंड सरकार के एडिशनल पीसीसीएफ शामिल हैं. [wpse_comments_template]  
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