Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

केंद्र की नये Labour Codes लागू करने की तैयारी, कर्मियों के हाथ में आने वाला वेतन घटेगा, बढ़ेगा PF

NewDelhi :  खबर है कि अगले कुछ माह में चारों Labour Codes लागू हो जायेंगे. जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार इन कानूनों को जल्द लागू करने की सोच रही  है. इन कानूनों के लागू होने के बाद कर्मचारियों के हाथ में आने वाला वेतन (टेक होम) घट जायेगा. साथ ही कंपनियों की भविष्य निधि (पीएफ) की देनदारी बढ़ जायेगी.

भविष्य निधि की गणना के तरीके में बदलाव तय

जान लें कि वेतन संहिता लागू होने के बाद कर्मचारियों के मूल वेतन और भविष्य निधि की गणना के तरीके में उल्लेखनीय बदलाव तय है. सूत्रों के अनुसार श्रम मंत्रालय इन चार संहिताओं(कानून) औद्योगिक संबंध, वेतन, सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक और स्वास्थ्य सुरक्षा तथा कार्यस्थिति को एक अप्रैल, 2021 से लागू करना चाहता था. इन चार श्रम संहिताओं के तहत 44 केंद्रीय श्रम कानूनों का समावेश किया जा सकेगा.

इसे भी पढ़ें : राहुल">https://lagatar.in/rahul-gandhis-attack-tweeted-modi-government-is-fighting-for-blue-tick-if-you-want-corona-vaccine/83188/">राहुल

गांधी का हल्ला बोल, ट्वीट किया, ब्लू टिक के लिए मोदी सरकार लड़ रही है, कोरोना वैक्सीन चाहिए तो आत्मनिर्भर बनो!

चार संहिताओं के तहत नियमों को अंतिम रूप भी दे दिया था

बताया गया है कि मंत्रालय ने इन चार संहिताओं के तहत नियमों को अंतिम रूप भी दे दिया था.  लेकिन इनका क्रियान्वयन नहीं किया जा सका, क्योंकि कई राज्य अपने यहां संहिताओं के तहत इन नियमों को अधिसूचित करने की स्थिति में नहीं थे. बता दें कि भारत के संविधान के तहत श्रम(Labour) समवर्ती विषय है. ऐसे में इन चार संहिताओं के तहत केंद्र और राज्य दोनों को इन नियमों को अधिसूचित करना होगा, तभी संबंधित राज्यों में ये कानून अस्तित्व में आ पायेंगे.

इसे भी पढ़ें : कोरोना">https://lagatar.in/gst-collection-crosses-one-lakh-crore-even-in-may-amid-corona-crisis/83120/">कोरोना

संकट के बीच मई में भी GST संग्रह एक लाख करोड़ के पार

प्रतिष्ठानों को नये कानूनों से तालमेल बैठाने के लिए कुछ समय देना होगा

 सूत्र ने भाषा को बताया कि  कई प्रमुख राज्यों ने इन चार संहिताओं के तहत नियमों को अंतिम रूप नहीं दिया है. कुछ राज्य इन कानूनों के क्रियान्वयन के लिए नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं. कहा कि केंद्र सरकार हमेशा इस बात का इंतजार नहीं कर सकती कि राज्य इन नियमों को अंतिम रूप दें.  ऐसे में सरकार की योजना एक-दो माह में इन कानूनों का क्रियान्वयन करने की है क्योंकि कंपनियों और प्रतिष्ठानों को नये कानूनों से तालमेल बैठाने के लिए कुछ समय देना होगा.

भत्तों को 50 प्रतिशत पर सीमित रखा जायेगा

सूत्रों को अनुसार कुछ राज्यों ने नियमों का मसौदा पहले ही जारी कर दिया है, इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक और उत्तराखंड शामिल हैं. जान लें कि वेतन संहिता के तहत भत्तों को 50 प्रतिशत पर सीमित रखा जायेगा. इसका मतलब है कि कर्मचारियों के कुल वेतन का 50 प्रतिशत मूल वेतन होगा.  भविष्य निधि की गणना मूल वेतन के प्रतिशत के आधार पर की जाती है.  इसमें मूल वेतन और महंगाई भत्ता शामिल रहता है.

बता दें कि अभी नियोक्ता वेतन को कई तरह के भत्तों में बांट देते हैं. इससे मूल वेतन कम रहता है, जिससे भविष्य निधि तथा आयकर में योगदान भी नीचे रहता है. नयी वेतन संहिता में भविष्य निधि योगदान कुल वेतन के 50 प्रतिशत के हिसाब से तय किया जायेगा.

[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही