Ranchi : आदिवासियों का जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने केंद्र एवं राज्य सरकार से जवाब मांगा है. अदालत ने दोनों सरकारों से यह बताने को कहा है कि जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं. 12 जून तक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश अदालत ने दिया है. इस मामले में पूर्व में भी अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन जवाब दाखिल नहीं किया जा सका. इस संबंध में सोमा उरांव ने जनहित याचिका दायर की है. सुनवाई के द्वारा प्रार्थी के अधिवक्ता रोहित रंजन सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि झारखंड में आदिवासियों को तेजी से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. तेजी से धर्मांतरण क्यों किया जा रहा है, इसके लिए सरकार को एक जांच कमेटी का गठन करना चाहिए. प्रार्थी की ओर से आरोप लगाया गया कि चंगाई सभा के माध्यम से आदिवासियों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. धर्म परिवर्तन के माध्यम से आदिवासी संस्कृति को समाप्त करने की साजिश भी की जा रही है. इस मामले की जांच कराने और सरकार को धर्मांतरण रोकने का निर्देश देने का आग्रह अदालत से किया गया. मामले की अगली सुनवाई 12 जून को होगी.
आदिवासियों के जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए बताए केंद्र और राज्य सरकार : HC
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