Lagatar Desk: केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की एक बड़ी मांग को मान ली है. सरकार ने जंतर-मंतर व देश के अन्य हिस्सों में हुए प्रदर्शन व झड़पों को लेकर छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का फैसला लिया है. इसी फैसले के तहत भारत सरकार की तरफ से सोलिसिटर जेनरल ने मंगलवार (31 अगस्त) को सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन देकर दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया है.
उल्लेखनीय है कि सीजेपी ने पांच सितंबर को दुबारा जंतर मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है. सीजीपी के नेताओं का कहना है कि सरकार ने जो वायदे किये थे, उसे निभाया नहीं जा रही है. पिछले एक महीने से केंद्र सरकार टाल-मटौल का रवैया अपनाये हुए है.
सीजेपी ने जिन पांच मांगों को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया है, उसमें पहली मांग दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करना, नीट परीक्षा रद्द होने की वजह से जिन छात्रों ने आत्महत्या की थी उनके परिवार को मुआवजा देना, प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को रोकना, दिल्ली पुलिस और रैफ की तरफ से सार्वजनिक माफी और 25 जुलाई को सरकार द्वारा किये गए लिखित व मौखिक समझौते का पालन करना शामिल है.
उल्लेखनीय है कि जुलाई माह में सीजेपी ने दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था. संसद घेराव के दिन दिल्ली पुलिस ने छात्रों के साथ मारपीट की थी. रैफ के जवानों ने पैलेट गन से फायर किया था. जिससे कई छात्र गंभीर रुप से जख्मी हो गये. एक छात्र के एक आंख की रौशनी चली गयी है. छात्रों पर पुलिस ने कई मुकदमे किये थे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.