Lagatar Desk : केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और सख्त कर दिया है. पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सक्रिय 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (UAPA) के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया गया है. गृह मंत्रालय ने शनिवार को इससे संबंधित अधिसूचना जारी की है.
सरकार के मुताबिक, ये सभी आतंकी जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, सीमा पार से घुसपैठ, प्रशिक्षण, ड्रोन के जरिए हथियार व गोला-बारूद पहुंचाने और आतंकी हमलों की साजिश रचने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं. इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में जोड़े गए हैं.
Union Ministry of Home Affairs (MHA) on Saturday designated 23 individuals linked to Jaish-e-Mohammed (JeM), Lashkar-e-Taiba (LeT), Jamaat-ud-Dawa and The Resistance Front (TRF) as terrorists under Section 35 of the Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA).
— ANI (@ANI) July 4, 2026
Out of the 23 terrorists announced today, 17 are Pakistani nationals and six are Indian nationals. However, all of them at present operate terrorist activities from Pakistan and Pakistan-occupied Jammu and Kashmir.
— ANI (@ANI) July 4, 2026
हाफिज सईद के करीबी भी सूची में
घोषित आतंकियों की सूची में लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद के तीन करीबी सहयोगियों के नाम भी शामिल हैं. इनमें राणा इफ्तिखार, अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद शामिल हैं. गृह मंत्रालय का कहना है कि ये लोग आतंकी संगठनों के बीच तालमेल बनाने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने, फंड जुटाने और भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं.
नागरोटा और सुंजवां हमलों से जुड़े आरोपी
सरकार की सूची में ऐसे पांच आतंकी भी शामिल हैं, जिनका संबंध नागरोटा और सुंजवां सैन्य ठिकानों पर हुए आतंकी हमलों से बताया गया है. नागरोटा हमले में मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शाकूर और अब्दुल्ला जेहादी के नाम शामिल हैं.
वहीं सुंजवां हमले के संबंध में मसूद इलियास कश्मीरी और मोहम्मद मुसद्दीक उर्फ हमजा को जिम्मेदार बताया गया है. इन पर आतंकियों की भर्ती, घुसपैठ, ड्रोन से हथियार भेजने और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को आतंकी संगठनों से जोड़ने के आरोप हैं.
ड्रोन, सोशल मीडिया और फंडिंग नेटवर्क पर कार्रवाई
गृह मंत्रालय ने ऐसे कई लोगों को भी आतंकवादी घोषित किया है जो आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर आतंक फैलाने में लगे थे. मोहम्मद शाहिद फैसल पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती, आतंकियों के लिए फंड जुटाने और एन्क्रिप्टेड संचार का इस्तेमाल करने का आरोप है.
नजीर अहमद गुज्जर और वसीम नूर जाट पर ड्रोन के जरिए हथियार और गोला-बारूद भेजने का आरोप है. वहीं फिरदौस अहमद भट, गुलाम फरीद और हारून रशीद गनी पर आतंकियों की मदद, घुसपैठ और भर्ती कराने के आरोप लगाए गए हैं.
सूची में अन्य नाम भी शामिल
सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई अन्य लोगों को भी आतंकवादी घोषित किया है. इनमें मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ ताइबी, कारी याकूब शेख, ओवैस फारूज और अशफाक अहमद जैसे नाम शामिल हैं. इन पर आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के आरोप हैं.
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