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केंद्र सरकार की योजना तैयार! खेती को पेशा बताकर आय कर बचाना अब आसान नहीं होगा

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NewDelhi : देश के अमीर किसानों को कर अधिकारियों द्वारा अब कड़ी जांच का सामना करना पड़ेगा, जो अपनी इनकम का सोर्स कृषि से अर्जित आय बताकर मौजूदा आयकर कानूनों के तहत टैक्स में छूट पाते हैं. ऐसे लोगों को अब गहन आयकर जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा जिनकी कृषि से होने वाली सालाना आय 10 लाख रुपए से ज्यादा है. खबरों के अनुसार केंद्र सरकार ने संसद की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) को बताया है कि अपनी इनकम को कृषि से हुई आय के रूप में दिखाकर कर छूट पाने वालों के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क बनाया जा रहा है, जिससे वे आयकर विभाग की आंख में धूल न झोंक सके. इसे भी पढ़ें : आरबीआई">https://lagatar.in/rbi-did-not-change-policy-rates-for-the-11th-time-in-a-row-repo-rate-remained-at-4-percent/">आरबीआई

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टैक्स चोरी की गुंजाइश बनी रहती है 

केंद्र सरकार ने कृषि से होने वाली आय पर टैक्स में छूट देने से संबंधित मौजूदा तंत्र में कई खामियों की ओर इशारा किया है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार लोक लेखा समिति ने संसद में बताया कि लगभग 22.5% मामलों में, अधिकारियों ने दस्तावेजों के उचित मूल्यांकन और सत्यापन के बिना कृषि से अर्जित आय के मामले में कर-मुक्त दावों को मंजूरी दे दी, जिससे टैक्स चोरी की गुंजाइश बनी रही. लोक लेखा समिति ने गत 5 अप्रैल को संसद में अपनी 49वीं रिपोर्ट, ‘कृषि आय से संबंधित आकलन’ जारी किया था, जो भारत के महालेखा परीक्षक और नियंत्रक की एक रिपोर्ट पर आधारित है. इसे भी पढ़ें : मुंबई">https://lagatar.in/after-reaching-mumbai-shiv-sena-mp-sanjay-raut-said-bjp-has-waged-a-war-we-are-ready/">मुंबई

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छत्तीसगढ़ का एक मामला बना उदाहरण

इस रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि की बिक्री से प्राप्त आय को कृषि आय बताकर 1.09 करोड़ की टैक्स छूट पाने के एक मामले को उदाहरण के रूप में शामिल किया गया है. मौजूदा तंत्र में कमियों की ओर इशारा करते हुए संसदीय पैनल ने उपरोक्त उदाहरण देकर कहा कि अधिकारियों ने न तो दस्तावेजों’ की जांच की, जो मूल्यांकन रिकॉर्ड में कर छूट का समर्थन करते हैं, न ही उनकी ‘मूल्यांकन आदेश में चर्चा’ की गयी. इसे भी पढ़ें : 30">https://lagatar.in/amarnath-yatra-will-start-from-june-30-devotees-will-be-able-to-register-from-april-11/">30

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कृषि आय पर आयकर में छूट का प्रावधान है

बता दें कि आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(1) के तहत कृषि से होने वाली आय को कर से छूट प्राप्त है. कृषि भूमि के किराए, राजस्व या हस्तांतरण और खेती से होने वाली आय को कानून के तहत कृषि आय के रूप में माना जाता है. आयकर विभाग ने कहा कि उसके पास अपने सभी अधिकार क्षेत्र में धोखाधड़ी के सभी मामलों की जांच करने के लिए पर्याप्त जनशक्ति नहीं है, जिसे आयुक्तालय कहा जाता है. संसदीय पैनल को बताया गया कि इस तरह की कर चोरी को रोकने के लिए, वित्त मंत्रालय ने उन मामलों में कर-मुक्त दावों की सीधे जांच करने के लिए अपनी प्रणाली तैयार की है, जहां कृषि आय ₹10 लाख से अधिक दिखाई जाती है.

बड़े किसानों और कंपनियों पर टैक्स लगेगा!

हिन्दुस्तान टाइम्स ने आयकर विभाग के एक पूर्व अधिकारी नवल किशोर शर्मा के हवाले से लिखा कि कृषि से होने वाली आय पर टैक्स का उल्लेख करने मात्र से राजनेताओं को डर लगता है. भारत के अधिकतर किसान गरीब हैं और उन्हें कर में छूट दी जानी चाहिए, लेकिन ऐसा कोई कारण नहीं है कि बड़े और धनी किसानों पर टैक्स न लगाया जाये.’ नीति आयोग के एक पेपर के अनुसार यदि कृषि से होने वाली आय के लिए शीर्ष 0.04% बड़े किसान परिवारों के साथ-साथ कृषि कंपनियों को भी 30% टैक्स स्लैब के दायरे में लाया जाता है, तो सरकार को 50,000 करोड़ रुपये तक का वार्षिक टैक्स रेवेन्यू मिल सकता है. [wpse_comments_template]

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