Ranchi: सरना झंडा हटाने, जलाने का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. गत दिवस कुछ आदिवासी संगठनों ने इस विवाद को पूरी तरह से आपसी और जमीन विवाद से जोड़ा था. वहीं मंगलवार को केंद्रीय सरना समिति ने एक बैठक करके मामले को डाइवर्ट करने वाले आदिवासी-सामाजिक नेताओं को आड़े हाथों लिया. समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि जो लोग इस मामले को डाइवर्ट करने का प्रयास कर रहे हैं, उन लोगों ने रांची बंद का समर्थन नहीं किया था. यहां तक की इस बंद का झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रोम ने भी समर्थन दिया था. आदिवासी हितैषी का ढाेंग करने वाले पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, लक्ष्मी नारायण मुंडा, कुंदरसी मुंडा आदि लोग समाज को दिगभ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे लोग आदिवासी समाज से माफी मांगें नहीं तो आदिवासी समाज इनका विरोध करेगा. इसे पढ़ें- कोरोना">https://lagatar.in/corona-alert-mock-drill-in-rims-for-the-second-day/">कोरोना
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केंद्रीय सरना समिति ने की बैठकः आदिवासी नेताओं पर साधा निशाना

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