रिकॉर्ड के साथ पांच मई को पूर्व अध्यक्ष और सचिव को सशरीर उपस्थित होने का दिया आदेश मामला चावल अनुसंधान केंद्र श्रमिक सहयोग समिति मासीपीढ़ी हजारीबाग का पूर्व अध्यक्ष और सचिव पर है 63.55 लाख रुपए वित्तीय अनियमितता का आरोप Hazaribagh : चावल अनुसंधान केंद्र श्रमिक सहयोग समिति मासीपीढ़ी हजारीबाग की पूर्व अध्यक्ष पार्वती देवी पति : परविल राम एवं पूर्व सचिव मो. रियाज खान पिता : सादिक खान पर गबन और वित्तीय अनियमितता के आरोप में सर्टिफिकेट केस किया जाएगा. उक्त बात जिला सहकारिता पदाधिकारी उमेश कुमार सिन्हा ने कही. उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष और सचिव पर कई तरह के वित्तीय अनियमितता के मामले हैं. सर्टिफिकेट केस के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इधर क्षेत्रीय श्रम आयुक्त केंद्रीय (आरसीएल) धनबाद ने मजदूरी गबन के मामले में रिकॉर्ड के साथ आरोपियों को पांच मई को सशरीर उपस्थित होने का नोटिस भेजा है. (हजारीबाग">https://lagatar.in/category/jharkhand/north-chotanagpur-division/hazaribagh/">(हजारीबाग
की खबरों के लिए यहां क्लिक करें) दरअसल विगत दिनों से चावल अनुसंधान केंद्र श्रमिक सहयोग समिति मासीपीढ़ी हजारीबाग में वर्ष 2016 से 2021 यानि पांच वर्षों में समिति की पूर्व अध्यक्ष पार्वती देवी पति : परविल राम एवं पूर्व सचिव मो. रियाज खान पिता : सादिक खान पर गबन और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा. जांचोपरांत घपले की पुष्टि होने पर 12 अप्रैल को नोटिस भेजकर पांच मई को मजदूरी भुगतान नहीं करने संबंधी जानकारी मांगी गई है. इसे भी पढ़ें : ऐतिहासिक">https://lagatar.in/land-mafia-encroached-upon-the-land-of-the-historic-saint-columba-college/">ऐतिहासिक
संत कोलंबा कॉलेज की जमीन पर भू-माफियाओं का कब्जा दरअसल वर्ष 2016 से 2021 तक समिति में 63 लाख 55 हजार 012 रुपए की निकासी में वित्तीय अनियमितता और मजदूरी गबन का ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है. इस पर को-ऑपरेटिव कार्यालय हजारीबाग के जिला सहकारिता पदाधिकारी ने भी पार्वती देवी (पूर्व अध्यक्ष) एवं मो. रियाज खान (पूर्व सचिव) दोनों को जवाबदेह बताते हुए पत्र संख्या-792 06.08.2022 को उन पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी किया था. लेकिन अब तक दोनों आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. इधर करीब 30 मजदूरों का भुगतान बकाया है. भुगतान के लिए मजदूर लगातार आंदोलन करते रहे हैं. ऑडिट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि जो समिति में सदस्य नहीं भी हैं, उनमें भी राशि की बंदबांट की गई है. पूर्व में भी मो. रियाज पर लेबर कमिश्नर के माध्यम से मुफस्सिल थाने में कांड संख्या-165/18 के तहत गबन का मामला दर्ज कराया गया था. उस वक्त भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई, जिसका नतीजा गबन की पुनरावृत्ति के रूप में सामने आयी. जांच रिपोर्ट के आलोक में डीसी ने भी पूर्व अध्यक्ष और सचिव पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पायी. इसे भी पढ़ें : सीएम">https://lagatar.in/cm-hemant-announced-appointment-of-25-thousand-teachers-in-the-jharkhand_state-soon/">सीएम
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पूर्व अध्यक्ष और सचिव पर होगा सर्टिफिकेट केस : डीसीओ

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