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चाईबासा : राज्य स्तरीय रोस्टर में एसटी को 28, एससी को 12,ओबीसी 1 को 15 ओबीसी 2 को 12 प्रतिशत हिस्सेदारी

Chaibasa (Sukesh Kumar) : टाटा कॉलेज आदिवासी बॉयज वेलफेयर हॉस्टल के फ्रीफेक्ट वीरू गागराई की संयोजन हॉस्टल में बैठक हुई. बैठक में रोस्टर के बारे में चर्चा की गई. आदिवासी हॉस्टल के पूर्ववर्ती छात्र सन्नी सिंकू ने रोस्टर के बारे में छात्रों को बताते हुए कहा कि रोस्टर एक प्रकार की विधि या नियमावली है. इसके द्वारा यह निर्धारित किया जाता है कि किसी भी विभाग में निकलने वाली वैकेंसी में किस वर्ग को कितना प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी. रोस्टर के तहत ही यह तय होता है कि एसटी, एससी,ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए वैकेंसी में किसको कितनी नौकरी मिलेगी. जैसे झारखंड सरकार ने राजपत्रित पद के लिए राज्य स्तरीय रोस्टर में एसटी को 28 प्रतिशत, एससी को 12 प्रतिशत, ओबीसी 1 को 15, ओबीसी 2 को 12 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत और बाकी सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित किया है. उसी प्रकार अराजपत्रित पद के लिए झारखंड सरकार ने अलग-अलग जिला के लिए रोस्टर का निर्धारण किया है. जैसे प. सिंहभूम जिला रोस्टर के तहत एसटी को 46 प्रतिशत, एससी को 04 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत निर्धारित किया है. इसे भी पढ़ें : डॉ.">https://lagatar.in/dr-vikas-got-the-charge-of-registrar-of-vinoba-bhave-university/">डॉ.

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इस जिला के ओबीसी 1 और ओबीसी 2 को शून्य कर दिया गया है. इसीलिए छात्र छात्राएं 60:40 नहीं चलेगा का नारा बुलंद कर रहे हैं. यह छात्र-छात्राओं का मौलिक अधिकार है. पूर्व बैंक कर्मी अमृत मांझी ने कहा कि सरकार भेदभाव और दोषपूर्ण जिला रोस्टर का निर्धारण किया है. प. सिंहभूम जिला ही नहीं खूंटी, दुमका, लातेहार, गुमला, लोहारदगा, सिमडेगा के ओबीसी वर्ग को भी जिला रोस्टर की नियुक्ति में शून्य कर दिया है. इसलिए संथाल परगना, उत्तरी छोटानागपुर, दक्षिणी छोटानागपुर और कोल्हान प्रमंडल के छात्र-छात्राएं इस विसंगति को दूर करने की लड़ाई लड़ रहे हैं. इसे भी पढ़ें : रामगढ़">https://lagatar.in/ramgarh-minister-satyanand-bhokta-inaugurated-and-laid-the-foundation-stone-of-several-development-schemes/">रामगढ़

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टाटा कॉलेज के छात्र प्रतिनिधि मंजीत हांसदा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 23 वर्ष बीतने के बाद भी कोई भी सरकार न्यायसंगत स्थानीय और नियोजन नीति का निर्धारण नहीं कर सकी. इसके कारण छात्र-छात्राओं में किसी के भी नेतृत्व में सरकार बनी पर बेरोजगारों का विश्वास और भरोसा नहीं जीत सकी. चर्चा में कॉलेज हॉस्टल के सीनियर स्टूडेंट मनोज टुडू और लालमोहन सोरेन ने भी छात्रों को प्रेरित किया. अंत में हॉस्टल फ्रीफैक्ट वीरू गागराई ने चर्चा में उपस्थित सभी छात्रों को 6 अप्रैल को 60:40 जिला रोस्टर नहीं चलेगा के लिए आयोजित कोल्हान छात्र संघर्ष समिति के विरोध प्रदर्शन में अनुशासन बनाए रखने की अपील की. [wpse_comments_template]

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