Chaibasa (Ramendra Kumar Sinha ) : सदर अस्पताल स्थित आई हॉस्पिटल ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतर रहा है. यहां प्रति माह 45 मरीजों के आंख का ऑपरेशन किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस लक्ष्य को हर महीने पूरा किया जा रहा है. डॉक्टर सुधाकर सिंह मुंडा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को बहुत फायदा हुआ है. यहां पर मरीजों को ऑपरेशन के बाद रखने की भी सुविधा है. इसे भी पढ़ें :बंदगांव">https://lagatar.in/bandgaon-villagers-of-eight-villages-held-a-meeting-regarding-the-construction-of-a-bridge-over-the-vijay-river-in-parsabahal/">बंदगांव
: परसाबहाल में विजय नदी पर पुल निर्माण को लेकर आठ गांव के ग्रामीणों ने की बैठक
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alt="" width="1040" height="780" /> जांच कराने के लिए बैठे मरीज.[/caption] इस कारण लोगों का विश्वास बढ़ा है. उन्होंने कहा कि कोविड के समय पूरी तरीके से इलाज संभव नहीं हो पाया था इसलिए इसके दायरे को और बढ़ाया जाएगा. ताकि सुदूरवर्ती क्षेत्र से आने वाले लोगों का बिना किसी समस्या के आंख का ऑपरेशन और जांच की जा सके. नेत्र अस्पताल का दुखद पहलू यह है कि नेत्र ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक मात्र सप्ताह में दो ही दिन ऑपरेशन करते हैं . इस कारण सप्ताह में चार दिन आंख का ऑपरेशन कराने वाले मरीज डॉक्टर के नहीं रहने से वापस लौट जाते हैं [wpse_comments_template]
: परसाबहाल में विजय नदी पर पुल निर्माण को लेकर आठ गांव के ग्रामीणों ने की बैठक
सप्ताह में मात्र दो दिन ही होता है ऑपरेशन
[caption id="attachment_397870" align="alignnone" width="1040"]alt="" width="1040" height="780" /> जांच कराने के लिए बैठे मरीज.[/caption] इस कारण लोगों का विश्वास बढ़ा है. उन्होंने कहा कि कोविड के समय पूरी तरीके से इलाज संभव नहीं हो पाया था इसलिए इसके दायरे को और बढ़ाया जाएगा. ताकि सुदूरवर्ती क्षेत्र से आने वाले लोगों का बिना किसी समस्या के आंख का ऑपरेशन और जांच की जा सके. नेत्र अस्पताल का दुखद पहलू यह है कि नेत्र ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक मात्र सप्ताह में दो ही दिन ऑपरेशन करते हैं . इस कारण सप्ताह में चार दिन आंख का ऑपरेशन कराने वाले मरीज डॉक्टर के नहीं रहने से वापस लौट जाते हैं [wpse_comments_template]
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