- प्रिंसिपल ने नोटिस जारी कर दिया होस्टल खाली करने का आदेश
- सामान्य छात्रावास, आदिवासी बाल कल्याण छात्रावास, अनुसूचित जाति कल्याण छात्रावास तथा पीजी छात्रावास में है चार दर्जन से अधिक हैं अवैध कब्जेदार
- नोटिस आते ही बोरिया-बिस्तर समेटकर भागे अवैध स्टूडेंट
: हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में लालपनिया में बंद असरदार कोई राजनीति करता है, तो कोई ठेकेदारी करता है. तो कोई नौकरी करते हुए भी वहां जमा हुआ है. कुछ ठेकेदार व मुंशी तो हाइवा तक बिना इजाजत के ही कॉलेज कैंपस में खड़ी करते हैं. वे खुलेआम मैदान में दारू पार्टी भी करते हैं. बहरहाल, नोटिस के बाद अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया है. अब वे बोरिया-बिस्तर लेकर भागने लगे हैं. कई लोग तो कल ही निकल गये. कहते हैं कि यही लोग कॉलेज का माहौल खराब कर रहे हैं. इन्हीं लोगों की शह पर कॉलेज ग्राउंड में दारू पीने, गांजा व ब्राऊन शुगर पीने के लिये नशेड़ियों का अवैध मजमा लगता है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-medical-test-of-250-permanent-employees-of-tata-motors-from-5th-to-19th-february/">जमशेदपुर
: टाटा मोटर्स के 250 स्थायी किए गए कर्मियों का मेडिकल टेस्ट पांच से 19 फरवरी तक सिक्योरिटी गार्ड जब रोकते हैं तो वे मारपीट करते हैं. ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है. विद्यार्थी दबी जुबान स्वीकारते हैं कि छात्रावासों के अंदर भी अब तो नशाखोरी शुरू हो गयी है. गांजा तो यहां आम है. अब ब्राऊन शुगर का नशा भी यहां शुरू हो चुका है. कुछ लड़के बेचते भी हैं. बावजूद टाटा कॉलेज प्रशासन इन अवैध धंधों की ओर से आंखें मूंद रखी है. इसी का परिणाम है कि बुधवार को यह घटना घट गयी. इसे भी पढ़ें : गढ़वा">https://lagatar.in/garhwa-new-additional-collector-takes-charge/">गढ़वा
: नये अपर समाहर्ता ने संभाला पदभार
हाल ही में दारू पीकर हॉस्टल की छत से गिरकर मर गया था पूर्व छात्र
कुछ माह पूर्व ही जनरल छात्रावास की छत से आधी रात को एक 50 वर्षीय व्यक्ति, जिनका नाम मोतीलाल बोदरा था और पेशे से टीचर था, की छात्रावास की छत से गिरकर मौत हो गयी थी. ये व्यक्ति इसी कॉलेज का पूर्व विद्यार्थी था और पढ़ाई के बाद भी मौत तक हॉस्टल नहीं छोड़ा था. प्रिंसिपल ने इस घटना को दबा दिया था। बाद में इलाज के क्रम में मोतीलाल बोदरा की रिम्स रांची में मौत हो गयी थी. वह पेशे से टीचर था. फिर भी उसने हॉस्टल छोड़ा नहीं था. इसी तरह कुछ फुटबॉल प्लेयर भी आज भी अवैध ढंग से वहां रह रहे हैं. जब चाहे तब आते-जाते हैं. इसे भी पढ़ें : बेरमो">https://lagatar.in/bermo-effective-bandh-in-lalpania-in-protest-against-the-arrest-of-hemant-soren/">बेरमो: हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में लालपनिया में बंद असरदार
Leave a Comment