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चाईबासा : कुड़मी समुदाय को अजजा में शामिल करने की मांग का आदिवासी एकता मंच ने किया विरोध

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Chaibasa (Sukesh Kumar) : कुड़मी समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने के मांग के विरोध में आदिवासी एकता मंच ने मंगलवार को चाईबासा में जन आक्रोश बाइक रैली निकाली. रैली टाटा कॉलेज मैदान से शुरू हुई. इसमें युवा एवं बुद्धिजीवी वर्ग करीब 500 बाइक पर सवार होकर हजारों लोग आदिवासी एकता जिंदाबाद, हेमंत सरकार होश में आओ, कुड़मियों को अनुसूचित जनजाति बनाना बंद करो, बहरे गूंगे विधायक होश में आओ, जय झारखंड के नारे लगाते रहे. रैली डीसी ऑफिस, तांबो चौक, टुंगरी, कचहरी, जैन मार्केट चौक, मंगला हाट, बड़ी बाजार होकर सुफलसाई चौक पहुंची. वहां से लौट कर पोस्ट ऑफिस चौक में कुड़मियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के मांग पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले जनप्रतिनिधियों सीएम हेमंत सोरेन, मंत्री चम्पाई सोरेन, विधायक निरल पूर्ति, विधायक दशरथ गागराई, पूर्व विधायक शशिभूषण सामड व अन्य आदिवासी विधायकों का पुतला दहन किया गया. अंत में आदिवासी हो समाज महासभा भवन परिसर में सभा की गई. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-after-two-years-of-corona-the-village-city-lit-up-with-lamps-fireworks-were-fierce/">चक्रधरपुर

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सरकार साजिश कर रही है : सुशील पूर्ति

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alt="" width="1280" height="578" /> सभा में कोल्हान आदिवासी एकता मंच के संयोजक सुशील पूर्ति ने कहा कि सरकार तुष्टिकरण की नीति अपनाकर कुड़मियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की साजिश रच रही है. इसलिए कुड़मियों के अनुचित मांग को लेकर किसी तरह का प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुड़मियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने से मूल आदिवासी समाज रसातल में पहुंच जाएगा. जिन उद्देश्यों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है वह उद्देश्य सिरे से समाप्त हो जाएगा. लिहाजा, कुड़मियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की बड़ी भूल सरकार को नहीं करनी होगी. सभा को अन्य संगठन के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया. सभी ने कुड़मियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल नहीं करने की मांग की है. इससे पहले रैली आरंभ करने के पूर्व टाटा कॉलेज परिसर में अवस्थित देशाउली में पुजारी बोयो गागराई ने पूजा अर्चना की. रैली का नेतृत्व आदिवासी एकता मंच के संयोजक सुशील पूर्ति, अध्यक्ष रमेश जेराई, सचिव रवि बिरुली, वीरसिंह बिरुली, देवेन्द्रनाथ चांपिया, संचू उरांव, लालू कुजूर, छात्र नेता सनातन पाट पिंगुवा, आदिवासी हो समाज महासभा के महासचिव यदुनाथ तियू, यंगस्टर्स टीम रेयांस सामड, सेवानिवृत्त संगठन के चंद्रमोहन बिरुवा, भूमि बचाओ समिति विनोद सावैयां कर रहे थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-roti-bank-has-financial-support-provided-to-the-family-of-ritu-mukhi/">जमशेदपुर

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रैली में 21 से अधिक सामाजिक संगठन के लोग हुए शामिल

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alt="" width="1600" height="723" /> रैली में 21 से अधिक सामाजिक संगठनों के युवा एवं महिला-पुरुष पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता व विभिन्न आदिवासी समुदाय के कलाकार, साहित्यकार, अधिवक्ता, बुद्धिजीवी शामिल थे. रैली के बाद आदिवासी एकता मंच की ओर से उपायुक्त को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में कहा गया है कि कुड़मियों की मांग अनुचित है. इनकी अनुचित मांग पर राज्य के विभिन्न अनुसूचित जनजाति आदिवासी समुदायों के बीच आक्रोश का माहौल व्याप्त है. अगर सरकार कुड़मियों के अनुचित मांग के समक्ष झुकती है तो कोल्हान के आदिवासी क्षेत्रों की स्थिति बेकाबू हो सकती है. ऐसे में आदिवासी भी कुड़मियों की तरह रेल सेवा बाधित कर खनिज पदार्थों के परिवहन को अनिश्चितकाल के लिए बंद करेगी. इसे भी पढ़ें : भैया">https://lagatar.in/bhaiya-dooj-and-chitragupta-puja-government-holiday-will-remain-on-thursday-not-wednesday/">भैया

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आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी

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alt="" width="1600" height="723" /> आदिवासी एकता मंच की बैठक कर आगे की रणनीति को लेकर निर्णय लिया गया. कुड़़मी आंदोलन पर स्थानीय विधायकों को लिखित रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा जाएगा. कुड़मियों अनुसूचित जनजाति बनाए जाने की स्थिति पैदा होने से कोल्हान बंद के अलावा आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी. एक सप्ताह के अंदर मुख्यमंत्री से मिलकर कुड़मी आंदोलन के विरोध संबंधी ज्ञापन सौंपा जाएगा. बैठक में कहा गया कि अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर कुड़मी आंदोलन के विरोध का स्वर बुलंद करने के लिए व्यापक रूप से कोल्हान के हरेक गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. [wpse_comments_template]
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