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चाईबासा : कोर्ट फीस में हुई बढ़ोत्तरी के खिलाफ पेन डाउन हड़ताल पर रहे अधिवक्ता, न्यायिक कार्य से रहे दूर

Chaibasa (Sukesh Kumar) : राज्य सरकार द्वारा कोर्ट फीस में वृद्धि किए जाने के खिलाफ जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर सभी अधिवक्ता सोमवार को पेन डाउन हड़ताल पर रहे. किसी भी मुकदमें में कोई पैरवी नही होने से किसी भी अदालत में कोई न्यायिक कार्य नहीं हो हुआ. सभी अधिवक्ता काला बिल्ला लगाकर कोर्ट पहुंचे थे. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-police-confiscated-80-bottles-of-country-made-and-seven-bottles-of-fake-english-liquor/">आदित्यपुर

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कोर्ट फीस में वृद्धि करना जायज नहीं : अनिल कुमार

स्टेट बार काउंसलिंग के सदस्य अनिल कुमार महतो ने कहा कि राज्य सरकार के निर्णय से आम जनता पर बोझ पड़ा है. कोर्ट फीस में वृद्धि करना जायज नहीं है. झारखंड जैसा पिछड़ा क्षेत्र में अब कोर्ट फीस अधिक होने से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. यह के ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर केस ऐसे है जिसे लड़ने के लिए लोगों के पास पैसा तक नहीं होता है. अब इस स्थिति में यदि सरकार कोर्ट फीस की वृद्धि करती है तो यह निर्णय उचित नहीं होगा. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-seminar-on-change-management-for-organizational-excellence-organized-at-guava-mine/">नोवामुंडी

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कमजोर और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए न्याय पान हुआ महंगा

चाईबासा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार ने कोर्ट फीस में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी है. इससे आमजन को न्यायिक मामलों की भागीदारी में बड़ी परेशानी हो रही है. विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए न्याय पाना महंगा सौदा साबित हो रहा है. छोटे-छोटे मामलों में भी कोर्ट फीस कई गुना बढ़ा दी गई है. एक तरह से यह जजिया टैक्स है. स्टेट बार काउंसिल ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस वृद्धि पर पुनर्विचार और कोर्ट फीस को कम करने का आग्रह किया था, लेकिन सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया है. राज्य सरकार के इस उदासीन रवैये के विरुद्ध सोमवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से अलग है. अधिवक्ता कोर्ट कार्य में भाग नहीं लेंगे. [wpse_comments_template]

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