: सेल प्रबंधन और ठेकेदार के बीच विवाद से सड़क निर्माण कार्य अधूरा, लोग परेशान
कर्मचारियों की कमी
सभी पदों को तृतीय वर्ग की श्रेणी में रखा गया है. वहीं, चतुर्थ वर्ग के लिये पीयून पद में ही 13 पद निर्धारित किया गया है. इधर, कॉलेजों में मात्र तीन से चार स्थायी शिक्षक ही कार्यरत है. बाकी सभी को अनुबंध के आधार पर रखा गया है, कॉलेज प्रशासन अपने इंटरनल सोर्स से इन सबों का भुगतान करेगा . इसके अलावा कुछ कर्मचारी ऐसे है जो इंटरमीडिएट विभाग में पदस्थापित है लेकिन उनसे यूजी का भी काम कराया जाता है. कर्मचारियों की भारी कमी की वजह से समय पर विद्यार्थियों का काम नहीं होता है . लगभग 1 हजार से अधिक विद्यार्थी यूजी व पीजी में अध्ययन करते है. इसे भी पढ़ें : पटमदा">https://lagatar.in/patmada-health-fair-organized-by-ddc-inaugurated/">पटमदा: स्वास्थ्य मेला आयोजित डीडीसी ने किया उद्घाटन
सुरक्षा गार्ड का पद सृजन नहीं
कॉलेज प्रशासन की ओर से सुरक्षा गार्ड के पद सृजन पर विवि को प्रस्ताव भेजा था. लेकिन सुरक्षा गार्ड का पद सृजन नहीं हुआ. इधर, विवि ने भी सरकार को सुरक्षा गार्ड समेत अन्य कुछ पदों का नाम जिक्र कर सृजित करते हुये सरकार को भेजा था लेकिन सरकार ने चतुर्थ वर्ग में सिर्फ पीयून पद की संख्या को ही बढ़ा कर पद सृजन किया है. अब सरकार की ओर से कभी भी बहाली प्रकिया शुरू होगी तो उक्त सृजन पद के तहत ही होगी. कोल्हान विवि के प्रवक्ता डॉ पीके पाणी ने कहा की सरकार को जेएलएन कॉलेज चक्रधपुर का शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का पद सृजित कर भेजा गया था. जिसकी सरकार से मंजूरी मिल गयी है . कुल 20 पदों की स्वीकृति मिली है. जब भी सरकार बहाली करेगा अब इसी पदों के तहत बहाली होगी . इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-time-of-schools-changed-from-today-parents-breathed-a-sigh-of-relief/">जमशेदपुर:आज से बदला स्कूलों का समय, अभिभावकों ने ली राहत की सांस

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