Chaibasa (Sukesh Kumar) : कोल्हान विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में गुरुवार से अपनी मांगों को लेकर घंटी आधारित शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से कई कक्षाएं बाधित रही. टाटा कॉलेज में अधिकतर घंटी आधारित शिक्षक कार्यरत रहने के कारण यहाँ इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. वहीं, महिला कॉलेज चाईबासा में इतिहास विषय के सभी विद्यार्थी क्लास में बैठे रहे. दरअसल, महिला कॉलेज चाईबासा में इतिहास विषय पर घंटी आधारित तीन शिक्षक कार्यरत है. एक भी स्थाई शिक्षक नहीं होने के कारण इस विषय के सभी विद्यार्थी की पढ़ाई गुरुवार को नहीं हो पाई. इसी तरह जीसी जैन कॉमर्स कॉलेज में भी असर देखने को मिला. इसे भी पढ़ें : मझगांव:">https://lagatar.in/mazgaon-negligence-in-the-education-of-children-will-not-be-tolerated-lakshmi-pinguwa/">मझगांव:
बच्चों के पढ़ाई में लापरवाही-कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: लक्ष्मी पिंगुवा [caption id="attachment_371865" align="aligncenter" width="575"]
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alt="" width="575" height="383" /> टाटा कॉलेज में विद्यार्थी पहुंच गए लेकिन शिक्षक नहीं पहुंचे[/caption]
: मंकी पॉक्स संक्रमण को लेकर सदर अस्पताल में तैयारी शुरू, अलग से बनेगा आइसोलेशन सेंटर [caption id="attachment_372038" align="aligncenter" width="554"]
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alt="" width="554" height="369" /> रांची में धारना देते घंटी आधारित शिक्षक[/caption]
बच्चों के पढ़ाई में लापरवाही-कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: लक्ष्मी पिंगुवा [caption id="attachment_371865" align="aligncenter" width="575"]
alt="" width="575" height="383" /> टाटा कॉलेज में विद्यार्थी पहुंच गए लेकिन शिक्षक नहीं पहुंचे[/caption]
राज्यपाल व सीएम को लिखा गया पत्र, नहीं मिला जवाब
मालूम हो कि कोल्हान विश्वविद्यालय में कुल 195 घंटी आधारित शिक्षक विभिन्न विषय पर कार्यरत है. उनके हड़ताल पर जाने से कॉलेज में पढ़ाई पूरी तरह से बाधित होगी. इधर, घंटी आधारित शिक्षक डॉ मुरारी वेद ने कहा कि सरकार से लगातार मांगे पूरी करने को लेकर पत्राचार किया जा रहा है. लेकिन सरकार मौन धारण किया हुआ है. जबकि सरकार के नियमानुसार यदि 3 साल तक नियमित रूप से कॉलेज में कार्य करते तो उन्हें रेगुलर करना चाहिए. अब इस हालत में घंटी आधारित शिक्षक हो गए हैं कि अब कहीं भी नहीं जा सकते हैं. उन्होंने सरकार से मांग किया कि हमारी मांगों को संज्ञान में लेकर पूरा किया जाए. ताकि शिक्षकों का भला हो सके. उन्होंने कहा कि लगातार राज्यपाल व मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर पत्र लिखा गया है. लेकिन एक भी पत्र का जवाब नहीं आया. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-preparations-started-in-sadar-hospital-regarding-monkeypox-infection-isolation-center-will-be-built-separately/">चाईबासा: मंकी पॉक्स संक्रमण को लेकर सदर अस्पताल में तैयारी शुरू, अलग से बनेगा आइसोलेशन सेंटर [caption id="attachment_372038" align="aligncenter" width="554"]
alt="" width="554" height="369" /> रांची में धारना देते घंटी आधारित शिक्षक[/caption]
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