- सूचना का अधिकार अधिनियम से प्राप्त सूचना से हुआ खुलासा
- सीओ कहते हैं- सीएनटी एक्ट की धारा-49 (6) ए के तहत नेवटिया ने आदिवासी जमीन खरीदी
मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर इस्कॉन ने किया नगर संकीर्तन इसके जवाब में जन सूचना पदाधिकारी सह उप समाहर्ता प्रभारी, विधि शाखा चाईबासा ने जानकारी दी है कि इस अधिनियम की धारा-49 में केवल पांच उपधाराएं है. श्री सावैयां का कहना है कि ऐसे में उद्योगपति बनवारी लाल नेवटिया का यह दावा कि उन्होंने सीएनटी एक्ट की धारा-49 की उपधारा (6) ए के तहत आदिवासी रैयत डीबर देवगम की जमीन खरीद लिया है. बिल्कुल झूठा और फर्जी है. क्योंकि एलआरडीसी सूचना में कानूनी तौर कह रहे हैं कि धारा-49 में पांच तक ही उप धाराएं मौजूद हैं. ऐसे में छठी उप धारा के तहत जमीन खरीद लेने का उनका दावा झूठा साबित हो जाता है. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-life-affected-due-to-change-in-weather/">चांडिल
: मौसम के बदले मिजाज से जनजीवन प्रभावित यदि एलआरडीसी की सूचना सही मानी जाये, तो सदर अंचलाधिकारी का दावा गलत हो जायेगा, क्योंकि उन्होंने ही तीन महीने पूर्व जमीन मालिक डीबर देवगम को नोटिस (सीमांकन वाद संख्या-154/2023-2024) भेजकर कहा था कि उनकी जमीन को श्री नेवटिया ने सीएनटी एक्ट की धारा-49 (6) ए के तहत खरीद लिया है. अंचलाधिकारी ने उस नोटिस में ये भी कहा था कि डीबर की इस जमीन, जिसका खाता-54, प्लॉट-1116, रकवा-1.44 एकड़ है, की खरीद बनवारी लाल नेवटिया ने 25 नवंबर 1988 में अपर उपायुक्त से अनुमति प्राप्त कर किया था. जबकि उनके बड़े अधिकारी एलआरडीसी कहते हैं कि ऐसी उप धारा तो धारा-49 में तो है ही नहीं. इससे साफ पता चलता है कि संबंधित अधिकारी भी यहां सीएनटी एक्ट-1908 का अक्षरश: अनुपालन नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनकी गलत व्याख्या कर जमीन हस्तांतरण में फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-preparations-begin-from-now-for-navratri-jwara-mahotsav-to-be-held-in-april/">जमशेदपुर
: अप्रैल में होने वाले नवरात्रि ज्वारा महोत्सव को लेकर अभी से तैयारी शुरू इसका खामियाजा यहां के भोले-भाले आदिवासी रैयतों को भुगतना पड़ रहा है. जनप्रतिनिधि भी इस मामले में खामोश हैं. सीएनटी एक्ट में तो थाना क्षेत्र की बाध्यता की भी धज्जियां उड़ायी जा रही है. अंचल कार्यालय हो या अवर निबंधन कार्यालय या फिर भूमि सुधार विभाग हर जगह भ्रष्ट अधिकारियों व भू-माफियाओं का ही बोलबाला है. कहने को सीएनटी एक्ट-1908 आदिवासी जमीनों की सुरक्षा के लिये बनी थी. लेकिन भू-माफियाओं ने संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से इसे मजाक बना दिया है. इसे भी पढ़ें : श्रीराम">https://lagatar.in/iskcon-did-city-sankirtan-regarding-consecration-of-shri-ram-temple/">श्रीराम
मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर इस्कॉन ने किया नगर संकीर्तन
किरीबुरु : केवी मेघाहातुबुरु के समीप पेड़ गिरा, बड़ा हादसा टला
alt="" width="600" height="400" /> Kiriburu (Shailesh Singh) : केन्द्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु के समीप मुख्य मार्ग पर एक गुलमोहर का पेड़ जड़ से उखड़ कर गिरने से बडा़ हादसा टला. यह पेड़ शहर में जारी भारी वर्षा के दौरान आज दोपहर में तब गिरा जब इस मार्ग से एक भी वाहन या लोग गुजर नहीं रहे थे. इसे भी पढ़ें : भारत">https://lagatar.in/bharat-jodo-nyay-yatra-rahul-said-assam-government-is-the-most-corrupt-government-in-india/">भारत
जोड़ो न्याय यात्रा : बोले राहुल, असम की सरकार भारत में सबसे भ्रष्ट सरकार… अगर यह पेड़ दोपहर 2 बजे के आसपास गिरता तो कई वाहन व लोग इसके चपेट में आते, जिससे जान-माल का नुकसान होता. केन्द्रीय विद्यालय की छुट्टी के दौरान काफी संख्या में लोग दोपहिया, चारपहिया वाहनों या पैदल अपने-अपने बच्चों को लेने स्कूल आते हैं. इसे भी पढ़ें : रामलला">https://lagatar.in/ramlalas-life-consecration-is-a-historic-achievement-of-this-century-pancham-singh/">रामलला
की प्राण प्रतिष्ठा इस सदी की ऐतिहासिक उपलब्धि : पंचम सिंह [wpse_comments_template]
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