नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए बहाल होंगे तीन रजिस्ट्रार
कार्य एजेंसी और इंजीनियरों ने लापरवाही बरती : हेमंत केसरी
उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यस्थल की स्थिति से स्पष्ट है कि कार्य एजेंसी और विभाग के इंजीनियरों ने लापरवाही बरतते हुए सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं किया है. 334 करोड़ की इस योजना का कार्य जनवरी माह से ही बंद है. चाईबासा में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिये झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रयास से इस योजना का शुभारंभ मार्च 2019 में हुआ था. इसे भी पढ़े : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-dc-directed-the-electricity-department-to-recover-dues-from-government-and-private-institutions/">धनबाद:डीसी ने बिजली विभाग को सरकारी व निजी संस्थानों से बकाया राशि वसूलने का दिया निर्देश
भाजपा प्रवक्ता ने कई सवाल उठाए, जांच की मांग
उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के लिये सदर अस्पताल परिसर के पुराने भवन को ध्वस्त कर ओपीडी के पूर्वी छोर के भवन को तोड़ दिया गया. दोनों स्थान में थोड़ा बहुत निर्माण कर पूरे अस्पताल परिसर को कचरे की ढेर बना कर मरीजों के आने-जाने के रास्ते को पूरी तरह कीचड़मय बना कर यूं ही छोड़ दिया गया है. जीवन रक्षक दवाओं का आपातकाल सेवा के पहुंच पथ में जाना-आना जानलेवा बन गया है. है. ऐसे में कार्य एजेंसी को कैसे और क्यों 15 करोड़ का भुगतान कार्यपालक अभियंता ने कर दिया. तोड़े गए भवन से निकले बिल्डिंग मैटेरियल्स कहां गए. यह सभी जांच का विषय है. इसे भी पढ़े : गालूडीह">https://lagatar.in/galudih-ward-member-yogendra-mahto-took-the-sick-woman-to-the-hospital/">गालूडीह: वार्ड सदस्य योगेंद्र महतो ने बीमार महिला को पहुंचाया अस्पताल [wpse_comments_template]

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