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चाईबासा : तिहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों को फांसी की सजा, एक लाख का जुर्माना

Chaibasa (Ramendra Kumar Sinha) : चाईबासा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ शुक्ला की कोर्ट ने तिहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है. साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. घटना 8 नवंबर 2021 की है. बंदगांव थाना अंतर्गत पोडेंगेर गांव निवासी मरकस डहांगा की बेटी की किसी कारण मृत्यु हो गई थी. बेटी की मौत से पिता मरकस काफी परेशान था. इसे लेकर वह एक ओझा गुनी के चक्कर में फंस गया. किसी ओझा ने उसकी बेटी की मौत का कारण उसके घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में रहने वाले को बताया. ओझा गुनी की बातों में आकर वह गांव के ही सलीम डहांगा को इसका जिम्मेदार मानने लगा. इसे लेकर मरकस काफी चिंतित था. बाद में वह मन ही मन सलीम डहांगा के परिवार को मौत के घाट उतारने की साजिश रचने लगा. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-discussion-on-providing-drinking-water-and-irrigation-facilities-in-bjp-meeting/">चाईबासा

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कारो नदी किनारे गाड़ दिया था शव

उसने 7 नवंबर 2021 की रात को मरकस डहांगा, इलियास उहांगा, केम्बा डहांगा, दाउद डहांगा और इलियास डहांगा उर्फ बंका बाकु ने पहले शराब पी. फिर सभी रात में सलिम डहांगा के घर पहुंचे. जहां सबसे पहले सलीम डहांगा की पत्नी बेलानी डहांगा को कुल्हाड़ी से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद सलीम पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया और बाद में उसकी चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी. अंत में उसकी 15 वर्षीय बेटी की भी हत्या कर दी. तीनों शवों को घटना स्थल से उठा कर कारो नदी के किनारे गाड़ दिया गया. दायाँ बिसाही के

गांव के मुंडा व मुखिया को भी बनाया गया था आरोपी

उक्त मामले 10 ग्रामीण और गांव के एक मुंडा और मुखिया को भी आरोपी बनाया गया था. उक्त दोनों का मामला अलग से चल रहा है. जब कि उक्त मामले में सिमोन टोपनो, सलीम डहांगा, सलान डहांगा, सैमुएल डहांगा और लोरेंस डहांगा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है. बाकी पांच लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिल जाने से मृत्युदंडा की सजा सुनाई गई है. सजा पाने वालों में बंदगांव थाना के पोडोगेर गांव निवासी इलियास डहांगा उर्फ बांका, दाउद डहांगा, इलियास डहांगा, केमबा डहोगा उर्फ बिलली और मारकस डहांगा शामिल हैं. इससे पूर्व 2022 में इसी कोर्ट ने एक व्यक्ति को फांसी की सजा सुनायी थी. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-the-tree-kept-burning-near-the-forest-department-office-the-foresters-were-busy-playing-badminton/">किरीबुरू

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बेटी ने की थी पुलिस से शिकायत

घटना के बाद गांव से बाहर रहने वाली सलीम डहांगा की दूसरी पुत्री बसंती डहांगा ने अपने माता-पिता और बहन की गुमशुदगी का मामला बंदगांव थाना में 9 नवंबर 2021 को दर्ज कराया. बाद में पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल शुरू की और गांव से तीन लोगों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की. पुलिस के सामने सभी टूट गए और पूरे मामले का खुलासा हो गया. [wpse_comments_template]  

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