: बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत नोवामुंडी में लगाए जा रहे सैकड़ों पौधे
क्या है मांग पत्र में
मांग पत्र में कहा गया है कि लगातार शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विधुत आपूर्ति सेवा विभाग के द्वारा बहाल नहीं की जा रही है. उपभोक्ताओं के द्वारा शिकायत करने पर तरह-तरह के कारण बताए जा रहे हैं. फल स्वरूप विधुत आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जनरेटर, बैटरी, सोलर पैनल इत्यादि की व्यवस्था लोगों को करनी पड़ रहा है. जिससे सरकारी विभागों सहित आम जनता को भी अतिरिक्त खर्च का बोझ उठाना पड़ रहा है. सरकारी विभागों में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के कारण सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है. विद्युतीकरण का कार्य जो कराया जा रहा है राजस्व ग्राम के कई टोला और मोहल्ला को छोड़ दिया जा रहा है, और जिन गांव में विद्युतीकरण का कार्य हो रहा है उसकी गति काफी धीमी है. अनावश्यक रूप से बिल वसूली के क्रम में ग्रामीणों को मुकदमे में फंसाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-only-67-percent-of-the-e-kyc-work-has-been-done-in-the-district-so-far-the-exercise-is-intensified-to-achieve-the-target/">चाईबासा: जिले में अब तक मात्र 67 प्रतिशत ही हो पाया ई-केवाईसी का कार्य, लक्ष्य प्राप्त करने को लेकर कवायद तेज

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