Chaibasa (Sukesh Kumar) : जमशेदपुर-कालिंगनगर विकास गलियारा परियोजना 450 गांव को विस्थापित करने वाली टाटा स्टील की आत्मकेंद्रित विकास योजना है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है ऐसे आत्मकेंद्रित विकास परियोजना की पृष्ठभूमि पश्चिमी सिंहभूम जिला के समाहरणालय कक्ष के वातानुकूलित कमरा में बैठकर तैयार की जा रही है. जिसकी अध्यक्षता जिला के डीसी अनन्य मितल ने की है. यह प्रतिक्रिया झारखंड पुनरुत्थान अभियान के संयोजक सन्नी सिंकु ने दी है. उन्होंने कहा है कि इस परियोजना के तहत जमशेदपुर से कालिंगनगर के बीच 286 किमी सड़क बनाई जायेगी. इसके तहत 450 गांव के आदिवासी और मूलवासियों की सामाजिक, पारंपरिक, धार्मिक, रूढ़ी या प्रथा और संस्कृति को विनाश करने की तैयारी है. हालांकि सैद्धांतिक तौर पर कहा जा रहा है कि विकास गलियारा परियोजना से 250 गांव का भविष्य संवरने वाला है. अगर ऐसी बात है तो कालीमाटी के आदिवासी और मूलवासियों को कहां पर पुनर्वासन किया जाएगा इसकी जानकारी दी जाए. इसे भी पढ़े : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-bms-dissolved-the-district-committee-and-appointed-caretaker/">किरीबुरू
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चाईबासा : विकास गलियारा परियोजना 450 गांव को विस्थापित करने वाली योजना है : सन्नी सिंकु

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