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चाईबासा : सदर अस्पताल के ओपीडी में डॉक्टर नहीं बैठे, तीन घंटे से मरीज परेशान

Chaibasa (Sukesh kumar) : सदर अस्पताल चाईबासा में लगातार डॉक्टर समय पर नहीं बैठने का मामला प्रकाश में आता रहा है. ताजा मामला गुरुवार का है. गुरुवार की सुबह 11.30 बजे तक भी ओपीडी में डॉक्टर नहीं पहुंचे. इसके कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लग गयी है, लेकिन डॉक्टर नहीं पहुंचे हैं. रोस्टर के आधार पर बैठने के जगह चेयर खाली रह गया है. इसके कारण मरीज परेशान हैं. मरीज में आक्रोश है. मालूम हो कि सदर अस्पताल चाईबासा में प्रत्येक दिन सुबह 9 बजे से ओपीडी में डॉक्टर को बैठना अनिवार्य है. लेकिन गुरुवार की सुबह 11.30 बजे तक भी डॉक्टर नहीं पहुंचा है. जिसके कारण काफी परेशानी हो रही है. इधर, इस मामले में सदर अस्पताल के प्रबंधक ने बताया कि रोस्टर के आधार पर सभी डॉक्टर को बैठना है. लेकिन आज क्यों नहीं बैठे इसकी जांच किया जा रही है. प्रत्येक दिन 200 से 300 मरीज सामान्य बीमारी का इलाज कराने के लिए आते हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं होने से मरीज वापस चले जाते हैं. मजबूरन उन्हें प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने को बाध्य होना पड़ता है. इससे कई मरीजों को आर्थिक बोझ का भी सामना करना पड़ता है. इधर, इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने कहा कि सुबह 9 बजे से सदर अस्पताल ओपीडी में पहुंचे हैं. लेकिन अभी तक डॉक्टर नहीं पहुंचे हैं. जब इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों से पूछी गई तो अधिकारियों ने भी कहा कि डॉक्टर अभी तक नहीं आये हैं, आप लोग लाइन में लगे रहिए. 2.30 घंटा होने को है अभी तक ओपीडी में डॉक्टर नहीं हैं. [caption id="attachment_770169" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/Chaibasa-sadar-Marij.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> डॉक्टर के नहीं आने से मरीजों की लगी लंबी लाइन.[/caption] इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-three-injured-including-two-students-riding-a-scooty-in-collision-with-tata-magic/">चक्रधरपुर

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सदर अस्पताल में डॉक्टर करते हैं नियम का उल्लंघन

सदर अस्पताल चाईबासा में लगातार डॉक्टरों के नियम का उल्लंघन करने का मामला प्रकाश में आता रहा है, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई प्रशासन की ओर से नहीं की जाती है. गुरुवार को इसका ताजा मामला सामने आया है. इस तरह से सप्ताह में 2 से 3 दिन ऐसे ही डॉक्टर समय पर नहीं बैठते हैं. इसकी वजह से स्थानीय मरीजों को काफी परेशानी होती है. गंभीर बीमारी का भी इलाज सही से नहीं हो पाता है. मालूम हो कि सदर अस्पताल की अधिकतर डॉक्टर प्राइवेट अस्पतालों में भी अपनी सेवा देते हैं, लेकिन रोस्टर के आधार पर ड्यूटी नहीं करते हैं. [wpse_comments_template]

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