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स्वयं का पुन: निर्माण करना
ईसा मसीह के पुनरुत्थान पर मिस्सा पूजा के अनुष्ठादाता फादर जोन पूर्ति ने अपने संदेश में कहा कि पुनरुत्थान का तात्पर्य यह है कि स्वयं को पुन: निर्माण करना . चालीस दिन तक महाउपवास में रह कर ईसा के पुनरुत्थान पर्व के साथ हमें अपनी सोच व जीवन शैली में नई ऊर्जा भरने का काम शुरू कर देना चाहिए . इससे हम आगे का जीवन सुखमय तरीके से जी सकते है . जीवन में यदि बुरे कार्य या गलत संगति के भंवर में फंसे हैं तो स्वयं को उससे निकालने के लिए ईसा के पुनरुत्थान को याद कर पुनः अच्छे मार्ग पर चलने का सोच विकसित करें . तब ही ईसा मसीह का पुनरुत्थान सार्थक होगा . मिस्सा पूजा में संत अन्ना कॉन्वेंट के सिस्टर्स ने सिस्टर नीलिमा की अगुवाई में सिस्टर बलमदीना, सिस्टर अनीता, सिस्टर क्रोनिका आदि ने भक्ति गीत गाया . जी उठे प्रभु विजयी बनकर गीत ने मिस्सा पूजा को भक्तिमय बना दिया . इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-christians-celebrate-the-resurrection-of-their-savior/">चक्रधरपुर: ईसाइयों ने अपने उद्धारकर्ता के पुनर्जीवित होने का मनाया उत्सव [caption id="attachment_291555" align="aligncenter" width="300"]
alt="" width="300" height="170" /> खुशियों के मौके पर भजन की प्रस्तुति देते मसीही समाज के लोग[/caption]

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